हिंदी सिनेमा और राजनीति के गलियारों में एक बार फिर हलचल तेज है। मशहूर म्यूजिक कंपोजर एआर रहमान के एक इंटरव्यू ने ऐसी बहस छेड़ दी, जिसने फिल्म, विचारधारा और व्यक्तिगत टकराव तीनों को एक साथ ला खड़ा किया। रहमान ने विकी कौशल की आने वाली फिल्म ‘छावा’ को “बांटने वाली फिल्म” बताया। यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई।
इस बयान पर सबसे तीखी प्रतिक्रिया आई है एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनौत की तरफ से। कंगना ने सोशल मीडिया पर खुलकर एआर रहमान पर हमला बोला और उनके बयान को नफरत और पक्षपात से भरा बताया।
एआर रहमान का ‘छावा’ पर बयान क्या था?
एआर रहमान ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में अपने करियर, म्यूजिक इंडस्ट्री और मौजूदा सिनेमा पर खुलकर बात की। इसी बातचीत के दौरान उन्होंने विकी कौशल की फिल्म ‘छावा’ का जिक्र किया। रहमान ने कहा कि यह फिल्म उन्हें बांटने वाली लगी और ऐसा लगता है कि फिल्म ने बंटवारे की भावना का इस्तेमाल किया है।
हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि फिल्म का मकसद बहादुरी दिखाना है। लेकिन उनका डिवाइडिंग फिल्म वाला शब्द ही विवाद की जड़ बन गया। आज के समय में फिल्मों को सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि विचारधारा से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में एक बड़े संगीतकार का ऐसा बयान स्वाभाविक रूप से चर्चा में आ गया।
कंगना रनौत का पलटवार
एआर रहमान के इस बयान के बाद कंगना रनौत चुप नहीं रहीं। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर रहमान के इंटरव्यू का स्क्रीनशॉट शेयर किया और बेहद कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया दी। कंगना ने लिखा कि उन्हें इंडस्ट्री में इसलिए भेदभाव झेलना पड़ता है क्योंकि वह एक भगवा पार्टी को सपोर्ट करती हैं। कंगना ने साफ कहा, “मैंने अपनी जिंदगी में आपसे ज्यादा पक्षपाती और नफरत करने वाला इंसान नहीं देखा।” यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
‘इमरजेंसी’ फिल्म को लेकर भी निकाला गुस्सा
कंगना रनौत यहीं नहीं रुकीं। उन्होंने एआर रहमान के साथ अपने निजी अनुभव को भी साझा किया। कंगना के मुताबिक, वह अपनी डायरेक्टोरियल फिल्म ‘इमरजेंसी’ की कहानी एआर रहमान को सुनाना चाहती थीं। लेकिन रहमान ने न सिर्फ फिल्म करने से मना किया, बल्कि उनसे मिलने तक से इनकार कर दिया। कंगना का दावा है कि उन्हें बताया गया था कि एआर रहमान किसी प्रोपेगेंडा फिल्म का हिस्सा नहीं बनना चाहते। कंगना ने कहा कि ‘इमरजेंसी’ को क्रिटिक्स ने मास्टरपीस बताया और यहां तक कि विपक्षी नेताओं ने भी तारीफ की।






