मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू पर साधा निशाना, कहा- इन्होंने सारी हदें पार कर दी हैं

जाने-माने गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने अमेरिका और इजरायल की नीतियों को लेकर अपनी बेबाक राय रखी है। उन्होंने 1 मार्च को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को 'धौंस जमाने वाला' बताते हुए उनकी कड़ी आलोचना की है।
Javed Akhtar

नई दिल्ली: अपने बेबाक बयानों और मुखर विचारों के लिए पहचाने जाने वाले मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर अपनी टिप्पणी से ध्यान खींचा है। इस बार उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर सीधा निशाना साधा है।

जावेद अख्तर, जो अक्सर सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखते हैं, उन्होंने 1 मार्च 2026 को अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर एक पोस्ट साझा किया। इस पोस्ट में उन्होंने ट्रंप और नेतन्याहू की कार्रवाइयों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और उन्हें ‘धौंस जमाने वाला’ करार दिया।

ट्रंप और नेतन्याहू पर क्या लिखा?

अपने पोस्ट में, जावेद अख्तर ने लिखा कि ट्रंप और इजरायल ने इस बार सारी सीमाएं लांघ दी हैं। उन्होंने यह भी चिंता जताई कि अगर इन नेताओं को उनके कार्यों के लिए माफ कर दिया गया तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने चीन के प्रति वैश्विक विश्वास में कमी आने की भी बात कही।

“मेरे ख्याल से इस बार ट्रंप और इजरायल ने अपनी सारी हदें पार कर दी हैं। और अगर उन्हें ऐसा करने के लिए माफ किया गया और ईरान के साथ इराक जैसा बर्ताव करने के लिए थोड़ी और छूट दी गई तो चीन पर से दुनिया में भरोसा उठ जाएगा। नेतन्याहू और ट्रंप जैसे धौंस जमाने वाले दूसरों को मजबूर कर रहे हैं कि वे मजबूरन जवाब दें। इन्होंने दूसरों के पास दूसरा कोई चारा नहीं छोड़ा है।”- जावेद अख्तर

सोशल मीडिया पर चर्चा

जावेद अख्तर के इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। उनके समर्थक उनकी बेबाकी की सराहना कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग उनकी आलोचना भी कर रहे हैं। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब जावेद अख्तर ने किसी अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर इस तरह खुलकर अपनी राय व्यक्त की हो। वह पहले भी कई मौकों पर वैश्विक घटनाओं पर अपनी प्रतिक्रिया देते रहे हैं।

उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व में तनाव लगातार बना हुआ है और वैश्विक मंच पर विभिन्न देशों के बीच रिश्ते संवेदनशील दौर से गुजर रहे हैं।

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