मध्य प्रदेश के किसानों के लिए जरूरी खबर है, भावांतर योजना के तहत राज्य सरकार ने आज सोयाबीन का मॉडल रेट जारी किया है इसमें फिर गिरावट जारी की गई है, आज एक बार फिर 20 रुपये की कमी दर्ज की गई है और नया रेट 29 नवंबर को 4240 रुपये जारी किया गया है।
भावांतर योजना के तहत पहला सोयाबीन का मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था जो लगातार वृद्धि के साथ 22 नवंबर को 4285 रुपये तक पहुंच गया था, उसके बाद से इसमें गिरावट देखी जा रही है, कल शुक्रवार 28 नवंबर को मॉडल रेट 4260 रुपए प्रति क्विंटल जारी हुआ था।
इन किसानों के लिए है मॉडल रेट
उल्लेखनीय है कि यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। मॉडल रेट और न्यूनतम समर्थन मूल्य के भावांतर की राशि राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है।
किसानों के खातों में 249 करोड़ रुपये ट्रांसफर
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सोयाबीन की फसल पर भावांतर भुगतान योजना के तहत 26 नवंबर को प्रदेश के 1.34 लाख पात्र किसानों के बैंक खातों में सिंगल क्लिक से 249 करोड़ रुपये अंतरित किये। इससे पहले वे देवास से प्रदेश के 1.33 लाख किसानों के खाते में 233 करोड़ रुपए की भावांतर राशि का अंतरण किया था।
7 नवंबर से 28 नवंबर तक सोयाबीन मॉडल रेट
सोयाबीन का पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए, 14 नवंबर को 4184 रुपए, 15 नवंबर को 4225 रुपए, 16 नवंबर को 4234 रुपए, 17 नवंबर को 4236 रुपए, 18 नवंबर को 4255 रुपए, 19 नवंबर को 4263 रुपए, 20 नवंबर को 4267 रुपए, 21 नवंबर को 4271 रुपए और 22 नवंबर को 4285 रुपए, 23, 24 नवंबर को 4282 रुपए, 25 नवंबर को 4277 रुपए, 26 नवंबर को 4265 रुपए, 27 नवंबर को 4252 रुपए और 28 नवंबर को 4260 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी हुआ था।
9.36 लाख से अधिक सोयाबीन किसानों ने कराया है पंजीयन
- भावांतर योजना लागू होने के बाद से उपार्जन केंद्रों पर सोयाबीन की आवक बढ़ गई है और तेजी से खरीदी जारी है।
- भावांतर योजना के लिए 3 से 17 अक्टूबर तक रजिस्ट्रेशन किये गए जिसमें में 9 लाख 36 हजार 352 किसानों ने पंजीयन कराया है।
- प्रदेश में 24 अक्टूबर से 15 जनवरी 2026 तक सोयाबीन की विक्रय अवधि रहेगी।
- सोयाबीन के लिए MSP प्रति क्विंटल 5328 रुपए घोषित की गई है।
- अगर एमएसपी से कम कीमत पर सोयाबीन बिकता है तो किसानों के घाटे की भरपाई भावान्तर योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा की जाएगी।
- फसल के विक्रय मूल्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य MSP के अन्तर की राशि सीधे राज्य सरकार देगी।
- मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश हैं कि किसानों को भावांतर योजना की प्रक्रिया में कोई असुविधा न हो।






