MP College: सीएम का बड़ा तोहफा, आज से शुरू हुई ये नई सुविधा, सभी कॉलेज छात्रों को होगा लाभ

mp college student

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश कॉलेज छात्रों (MP College Student) के लिए बड़ी खुशखबरी है। आज 6 अप्रैल से प्रदेश के कॉलेज और यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को अब डिजिटल लॉकर की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) ने आज “युवा संवाद” (Yuva Samvad) के दौरान डिजिटल लॉकर का शुभारंभ कर दिया है। प्रथम चरण में डिजी लॉकर के माध्यम से अंक-सूची उपलब्ध कराई जायेगी। आगामी चरण में उपाधि, डुप्लीकेट मार्कशीट, माइग्रेशन, ट्रांसक्रिप्ट आदि प्रमाण-पत्र डिजी लॉकर के माध्यम से उपलब्ध कराये जायेंगे।

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दरअसल, आज सीएम शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने भोपाल में ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम के अंतर्गत स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन योजना प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा विद्यार्थियों के लिए डिजिटल ‘डिजी लॉकर’ सुविधा का रिमोट का बटन दबाकर शुभारंभ किया।इस मौके पर उन्होंने कहा किकुछ माता-पिता यह सोचते हैं कि बेटा बुढ़ापे की लाठी बनेगा। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि बेटा बुढ़ापे में आपका सहारा बनेगा कि नहीं, मैं यह नहीं कह सकता, लेकिन बेटी जीवन की अंतिम सांस तक आपकी सेवा करेगी, मैं इसकी गारंटी दे सकता हूं।मेरे बच्चों, मैं खुशी बेटी के माध्यम से अपने सभी बच्चों से कहना चाहता हूं कि तुम केवल मन लगाकर अपनी पढ़ाई करो, फीस की चिंता मामा पर छोड़ दो। मैं धन के अभाव को तुम्हारी राह में बाधा नहीं बनने दूंगा।

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उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव बताया कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों को डिजिटल लॉकर की सुविधा उपलब्ध होगी।आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश योजना में विश्वविद्यालयों को डिजी लॉकर से एकीकृत किया जाना है। इसके लिये बरकतउल्ला विश्वविद्यालय को नोडल बनाया गया है। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय द्वारा छात्रों को मार्कशीट डिजी लॉकर के माध्यम से प्रदान करने के लिये वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 का डेटा तैयार कर लिया गया है।अभी तक अंक-सूची विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा परिणाम घोषित किये जाने के बाद महाविद्यालय को प्रदान की जाती है, जहाँ से छात्र अपनी अंक-सूची प्राप्त करते हैं, लेकिन अब डिजी लॉकर प्रारंभ करने से परीक्षा परिणाम जारी होने के दिवस ही छात्र अपनी अंक-सूची डिजी लॉकर के माध्यम से प्राप्त कर सकता है।

ऐसे मिलेगा लाभ

  • प्रथम चरण में डिजी लॉकर के माध्यम से अंक-सूची उपलब्ध कराई जायेगी। आगामी चरण में उपाधि, डुप्लीकेट मार्कशीट, माइग्रेशन, ट्रांसक्रिप्ट आदि प्रमाण-पत्र डिजी लॉकर के माध्यम से उपलब्ध कराये जायेंगे।
  • वर्तमान में अंक-सूची विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा परिणाम घोषित किये जाने के बाद महाविद्यालय को प्रदान की जाती है, जहाँ से छात्र अपनी अंक-सूची प्राप्त करते हैं।
  • डिजी लॉकर प्रारंभ करने से परीक्षा परिणाम जारी होने के दिवस ही छात्र अपनी अंक-सूची डिजी लॉकर के माध्यम से प्राप्त कर सकता है।
  • छात्र के अंतिम वर्ष के परिणाम के साथ ही डिजी लॉकर के माध्यम से ऑनलाइन डिजिटल प्रोवीजनल डिग्री दी जा सकती है।
  • छात्र सीधे अपने डिजी लॉकर अकाउंट से डिजिटल प्रमाण-पत्र प्राप्त कर सकते हैं।
  • इससे प्रमाण-पत्रों के गुम होने की समस्या भी समाप्त हो जायेगी।
  • अंक-सूची तथा उपाधि परीक्षा परिणाम जारी होने के दिन ही छात्र को प्राप्त हो सकेगी।
  • डिजी लॉकर के शुरू होने से प्रमाण-पत्र में सुधार बहुत ही कम समय में किया जाना संभव हो सकेगा।
  • प्रमाण-पत्रों में डिजिटल हस्ताक्षर होने से कर्मचारियों/अधिकारियों की जवाबदेही में वृद्धि होगी और सेवाओं की समयबद्ध रूप से आपूर्ति भी होगी।

युवा संवाद के कुछ अंश

  • मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम (Yuva Samvad Program)  में छात्रा कृतिका चौरसिया ने पूछा कि परीक्षा में सफलता कैसे प्राप्त करें? इस पर उन्होंने जवाब दिया कि मेरे बच्चों तुम सबमें अपार क्षमताएं हैं। यदि आप एकाग्रचित्त होकर पढ़ेंगे, तो सफलता अवश्य मिलेगी।
  • सीएम शिवराज सिंह से छात्रा खुशी करवरिया ने पूछा कि गरीब परिवारों के विद्यार्थियों की शिक्षा हेतु सरकार की क्या योजनाएं हैं?इस पर उन्होंने जवाब दिया कि मु.मेधावी विद्यार्थी योजना व संबल योजना के माध्यम से सरकार द्वारा विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा की फीस भरवाई जाती है।
  • सीएम शिवराज सिंह चौहान से छात्रा कीर्ति सिंह ने पूछा कि स्वरोजगार के लिए हमें सरकार कैसे मदद कर सकती है?इस पर उन्होंने जवाब दिया कि मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना में 1 लाख से 50 लाख रुपये स्वरोजगार के लिए बैंक ऋण देते हैं व सरकार ऋण पर ब्याज सब्सिडी भी देती है।
Pooja Khodani
लेखक के बारे में
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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