
भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश में हितग्राहियों (MP beneficiaries) को बड़ी राहत दी गई है। दरअसल प्रदेश में निकाय (MP Urban body election) और पंचायत चुनाव (MP Panchayat Election) को लेकर आचार संहिता लागू कर दी गई। आचार संहिता में किसी भी तरह के कार्यक्रम पर रोक लगाई गई। हालांकि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना (Chief Minister Girl Marriage Scheme) के लिए सशर्त अनुमति दी है। जिसका लाभ हितग्राहियों को मिलेगा। दरअसल सामूहिक विवाह कार्यक्रम को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने असमंजस की स्थिति पर बड़ा खुलासा किया है।
राज्य निर्वाचन आयोग (state election commission) ने विभाग के पत्र पर सशर्त सामूहिक विवाह के कार्यक्रम की अनुमति दी है। इस मामले में राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राकेश सिंह का कहना है कि सामाजिक न्याय एवं निशक्तजन विभाग के सामूहिक विवाह कार्यक्रम को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। कार्यक्रम का प्रचार प्रसार और विज्ञापन जारी नहीं किया जाएगा लेकिन हिताग्रहियों को इसका लाभ मिलेगा।
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दिशा निर्देश जारी करते हुए कहा गया है कि राजनीतिक दलों के व्यक्ति और अभ्यर्थियों की कार्यक्रम में सहभागिता नहीं होगी। वही कार्यक्रम में शामिल होने वाले अधिकारी कर्मचारी को भी सुनिश्चित करना होगा कि उनके इस कार्यक्रम में शामिल होने पर चुनाव में किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न नहीं होगी। साथ ही आचार संहिता का पालन करना अनिवार्य होगा।
बता दें कि मध्यप्रदेश में आचार संहिता लागू होने के बाद कन्यादान योजना को लेकर काफी सवाल किए जा रहे थे। बच्चों/कन्याओं की शादी एक बड़ा विषय थी। जिसके बाद विवाह सम्मेलन निरस्त करने से काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा था। वहीं अब सम्मेलन के आयोजन को मंजूरी दे दी है।
नवीन दिशा निर्देश जारी करते हुए कहा गया है कि कन्यादान सम्मेलन में प्रचार प्रसार का विज्ञापन नहीं किया जाएगा। साथ ही किसी भी राजनीतिक पार्टी का नेता या कार्यकर्ता कार्यक्रम में शामिल नहीं होगा। इसके अलावा कन्यादान सामूहिक विवाह सम्मेलन में ऐसे कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। जिनकी ड्यूटी चुनाव के लिए नहीं लगाई गई है।
