मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर में बुधवार को राजनीतिक टकराव ने हिंसक रूप ले लिया। शहर के गांधी भवन स्थित कांग्रेस कार्यालय के बाहर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के कार्यकर्ता भिड़ गए। दोनों पक्षों के नारेबाजी के बाद जमकर पत्थरबाजी हुई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बिगड़ते हालात को काबू में करने के लिए मौके पर मौजूद पुलिस बल को बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस झड़प और भगदड़ में एक पत्रकार सहित कई लोगों के घायल होने की सूचना है।
कैसे और क्यों हुआ यह टकराव?
जानकारी के मुताबिक, भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता कांग्रेस द्वारा Ai समिट में अर्धनग्न प्रदर्शन के विरोध के तहत गांधी भवन की ओर घेराव करने बढ़ रहे थे। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन्हें मच्छी बाजार चौराहे पर ही बैरिकेड्स लगाकर रोक दिया। इसी दौरान, गांधी भवन पर पहले से ही बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौजूद थे।
बैरिकेडिंग के दोनों ओर से दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ ही देर में स्थिति तनावपूर्ण हो गई और दोनों तरफ से एक-दूसरे पर पत्थर फेंके जाने लगे, जिससे भगदड़ मच गई।
पुलिस की कार्रवाई और मौजूदा स्थिति
पत्थरबाजी शुरू होते ही पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। जब नारेबाजी और हंगामा नहीं रुका, तो पुलिस ने भीड़ पर पानी की बौछारें छोड़ीं। इस कार्रवाई के बाद धीरे-धीरे भीड़ छंट गई, लेकिन इलाके में तनाव बना हुआ है।
घटना में घायल हुए लोगों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया है। फिलहाल, गांधी भवन और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और वरिष्ठ अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।






