महाराष्ट्र में उपमुख्यमंत्री अजित पवार से जुड़े विमान हादसे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अजित पवार के भतीजे और एनसीपी-एसपी विधायक रोहित पवार ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मामले में एक बड़ी साजिश का अंदेशा जताया है। उन्होंने सीधे तौर पर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के कुछ अधिकारियों पर प्राइवेट विमान कंपनी को बचाने का आरोप लगाया है।
रोहित पवार ने दावा किया कि VSR नामक जिस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का विमान हादसे का शिकार हुआ, उसे सत्ता में बैठे बड़े और प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि इस कंपनी को बचाने के लिए एक संगठित प्रयास चल रहा है, जिसमें कुछ राज्यों और केंद्र में सत्तारूढ़ दल से जुड़े लोग शामिल हैं।
केंद्रीय मंत्री का इस्तीफा और पीएम से गुहार
रोहित पवार ने इस मामले में लापरवाही का आरोप लगाते हुए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण में अगर कोई न्याय दिला सकता है तो वह केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह हैं। रोहित पवार ने कहा, “मैं प्रधानमंत्री मोदी को ईमेल के जरिए एक पत्र लिखूंगा और उनसे इस मामले को गंभीरता से लेने की अपील करूंगा।”
“अगर कोई VSR कंपनी को सपोर्ट या बचा रहा है, जो इसके लिए जिम्मेदार है, तो वह भी एक साजिश हो सकती है। इस कंपनी के पीछे बहुत सारे पावरफुल लोग हैं।”- रोहित पवार, विधायक
इसके साथ ही, उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी अपील की कि वे इस मुद्दे को प्रमुखता से संसद और अन्य मंचों पर उठाएं ताकि सच सामने आ सके।
हादसे की जांच पर उठाए गंभीर सवाल
रोहित पवार ने हादसे के तकनीकी पहलुओं पर भी कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके द्वारा जुटाए गए तथ्यों से गंभीर खामियों का पता चला है।
उनके अनुसार, दुर्घटना के समय विमान में एक नहीं, बल्कि कई धमाके हुए थे, जिससे ब्लैक बॉक्स की प्रामाणिकता पर भी संदेह पैदा होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विमान में मैकेनिकल और रखरखाव से जुड़ी गंभीर समस्याएं थीं, जिन्हें नजरअंदाज किया गया। एक और चौंकाने वाला आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर अतिरिक्त पेट्रोल के कैन पाए गए, जिससे आग लगी और हादसा इतना गंभीर हो गया। इन सभी बिंदुओं को देखते हुए उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है, ताकि अजित पवार को न्याय मिल सके।





