केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य रखा है। शाह ने यह बात सीआरपीएफ दिवस परेड को संबोधित करते हुए कही, जहां उन्होंने सुरक्षाबलों के शौर्य की सराहना की।
अमित शाह ने कहा, “मैं सीआरपीएफ पर भरोसा कर सकता हूं। विश्वास से कह सकता हूं कि 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सल समस्या का सफाया कर देंगे।” उन्होंने जवानों की तारीफ करते हुए कहा कि 46 डिग्री सेल्सियस के तापमान में भी सीआरपीएफ के जवानों ने नक्सलियों के गढ़ को ध्वस्त किया है।
जम्मू-कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर तक शांति
गृह मंत्री ने बताया कि लगभग एक दशक पहले देश में तीन बड़े हॉटस्पॉट थे- जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद, पूर्वोत्तर में उग्रवाद और नक्सलवाद। उन्होंने कहा कि ये तीनों क्षेत्र पहले बमबारी, गोलीबारी और विनाश के लिए जाने जाते थे, लेकिन आज ये शांति और प्रगति के केंद्र बन गए हैं। शाह ने जोर देकर कहा कि जम्मू-कश्मीर में सीआरपीएफ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसके चलते पत्थरबाजी की घटनाएं अब शून्य हो गई हैं। इसके अलावा, मणिपुर में जातीय हिंसा से निपटने और केवल तीन वर्षों में माओवादियों की कमर तोड़ने में भी सीआरपीएफ की भूमिका अहम रही।
असम में घुसपैठ पर कांग्रेस को घेरा
सीआरपीएफ कार्यक्रम के अलावा, अमित शाह ने असम में एक जनसभा को भी संबोधित किया, जहां उन्होंने घुसपैठ के मुद्दे पर कांग्रेस पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में ही असम में घुसपैठिए आए, जिससे राज्य की डेमोग्राफी यानी जनसांख्यिकी संकट के स्तर पर पहुंच गई।
“मैं कांग्रेस पार्टी से पूछता हूं, यह किसकी जिम्मेदारी है कि धुबरी, बारपेटा, मोरीगांव, नागांव और गोलपारा जैसे जिले मुस्लिम-बहुल, घुसपैठियों वाले बन गए हैं? बीजेपी ही है जो असम को आपके किए पाप से आजाद कराएगी।”- अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री
शाह ने कहा कि देश को अगर नक्सलवाद से आजाद कराया जा सकता है तो घुसपैठियों से भी जमीन खाली कराई जा सकती है। उन्होंने कहा, “इसके लिए दिल, हिम्मत और पक्का इरादा चाहिए और प्रधानमंत्री मोदी के पास ये तीनों हैं।”
असम बनेगा पूर्वोत्तर का इंडस्ट्रियल हब
राजनीतिक हमलों के साथ-साथ अमित शाह ने असम के विकास का खाका भी पेश किया। उन्होंने बताया कि मोदी सरकार ने असम में 15 लाख करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि अगले पांच वर्षों में असम पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र का एक बड़ा इंडस्ट्रियल हब बनने जा रहा है, जो यहां के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।





