सोमवार से मप्र विधानसभा का मानसून सत्र, अनुपूरक बजट होगा पेश, इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगी कांग्रेस

मध्य प्रदेश विधानसभा परिसर के अंदर विधायकों के किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
मप्र विधानसभा

सोमवार 28 जुलाई से मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने जा रहा है, जो 8 अगस्त तक चलेगा। इस 12 दिवसीय सत्र के दौरान कुल 10 बैठकें होंगी। हालांकि 2 अगस्त (शनिवार) और 3 अगस्त (रविवार) को अवकाश रहेगा। एक तरफ राज्य की मोहन सरकार विधानसभा के मानसून सत्र में अनुपूरक बजट (वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए) के साथ कई विधेयक पेश करेगी वही दूसरी तरफ विपक्ष किसान, युवा और जनता से जुड़े कई मुद्दों को उठाएगा, ऐसे में सत्ता पक्ष  विपक्ष के बीच हंगामे के भी आसार है।।बता दे कि अबतक विधानसभा सचिवालय को कुल 3377 प्रश्न ,191 ध्यानाकर्षण की सूचनाएं और 1 स्थगन प्रस्ताव आ चुके है।

विधानसभा परिसर में विधायकों के लिए नए नियम

  • मानसून सत्र शुरू होने से पहले मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने सभी मंत्रियों और विधायकों को एक पत्र भेजा गया है जिसमें विधानसभा अध्यक्ष के स्थायी आदेश 94 (2) के तहत विधायकों के विधानसभा परिसर में नारेबाजी और प्रदर्शन करने पर रोक लगाने का जिक्र किया है।
  • इसमें लिखा है कि आगामी सत्र में माननीय सदस्यों से यह अनुरोध है कि माननीय अध्यक्ष महोदय के स्थायी आदेश 94(2) के तहत माननीय सदस्यों द्वारा विधानसभा परिसर में नारेबाजी और प्रदर्शन करना आदि निषिद्ध किया गया है। सत्र के दौरान विधानसभा भवन में किसी गैर अथवा बिना प्रवेश-पत्राधारी व्यक्ति को अपने साथ वाहन में बैठाकर या पैदल विधानसभा परिसर और सदन की लॉबी में प्रवेश न कराएं। विधायकों से अनुरोध है कि एक निजी सहायक और वाहन चालक का नाम, वाहन नंबर के साथ प्रवेश पत्र कार्यालय भेजना सुनिश्चित करें।

मीडिया के लिए भी नियम

विधानसभा पास के साथ पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा। बिना दस्तावेज प्रवेश नहीं मिलेगा. कवरेज केवल एक निर्धारित जगह से ही होगी। सदन के सामने वीआईपी एरिया में मीडिया बाइट लेना प्रतिबंधित रहेगा। समिति कक्ष के सामने ही बयान लेने की अनुमति होगी। दीर्घा में फोटो और वीडियो बनाने पर कार्रवाई की जाएगी।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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