
Jabalpur High Court
जबलपुर, डेस्क रिपोर्ट। हाई कोर्ट (MP High court) ने प्रतियोगी परीक्षा (competitive exam) में लगातार हो रहे मनमानी रवैया को लेकर एमपीपीईबी (MPPEB) को लताड़ लगाई है। दरअसल MPPEB के चेयरमैन को नोटिस (notice) जारी कर इस मामले में जवाब मांगा गया है। इतना ही नहीं हाईकोर्ट ने गलती न दोहराने की चेतावनी भी दे डाली है। उम्मीदवार को हाईकोर्ट ने राहत देते हुए एक और मौका देने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति मनिंदर सिंह भुट्टी की ग्रीष्मकालीन अवकाशकालीन एकलपीठ द्वारा सुनवाई की गई इस दौरान उम्मीदवार को अगले फिजिकल टेस्ट के निर्देश दिए है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने MPPEB को निर्देश देते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षा में मनमानी रवैया ना अपनाया जाए। इसके लिए अंतरिम आदेश भी पारित कर दिए गए हैं। वहीं एमपीपीईबी के चेयरमैन को नोटिस जारी कर मामले में जवाब मांगा गया है। जवाब ना दिए जाने और भविष्य में ऐसी गलती दोहराने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी गई है।
रीवा निवासी शैलेश कुमार तिवारी की ओर से वकील नरेंद्र पाल सिंह ने पक्ष रखा दलील देते उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता द्वारा लिखित परीक्षा पास करने के बाद 9 मई को सागर में एमपीपीईबी फिजिकल टेस्ट के लिए उसने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। जहां बिना शेड और व्यवस्था के कड़ी धूप में साढे 5 घंटे इंतजार करने के बाद दौड़ के लिए उसका नंबर आया। 800 मीटर की दौड़ 2 मिनट 51 सेकंड में उसने पूरी की जबकि निर्धारित समय 2:00 मिनट 45 सेकंड था।
इस दौरान वकील ने दलील देते हुए कहा कि दूरी केवल 2 मिनट 38 सेकेंड में पूरी कर लेता लेकिन प्रतिकूल मौसम के लंबे इंतजार के कारण छात्र का प्रदर्शन बिगड़ा था। इतना ही नहीं वकील ने दलील दी कि सागर में ही अगले दिन एक प्रतिभागी की मौत हो गई थी। जबकि जबलपुर में 12 मई को एमपीपीईबी की फिजिकल टेस्ट के दौरान एक उम्मीदवार की मौत होने के बाद 13 मई को होने वाले फिजिकल टेस्ट को 6 जून तक के लिए स्थगित कर दिया गया था।
वही याचिकाकर्ता की तरफ से हाईकोर्ट में मांग की गई है कि उसे 6 जून को होने वाले टेस्ट के लिए अनुमति दी जाए। इसमें शामिल होने तक कोर्ट ने अंतरिम आदेश देते हुए टेस्ट के रिजल्ट को याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन कर दिया है। मामले में MPPEB के चेयरमैन सहित डीजीपी को नोटिस जारी किया गया है। केस की अगली सुनवाई अब 13 जून को होगी।
