मध्य प्रदेश मौसम: आज इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, जानें शहरों का हाल-IMD का लेटेस्ट अपडेट

मानसून की सक्रियता कम होने से प्रदेश में भारी बारिश का दौर खत्म हो गया है। हालांकि लोकल सिस्टम के बने रहने से हल्की से मध्यम बारिश का दौर बना हुआ है। रक्षाबंधन के बाद फिर मौसम के बदलने का अनुमान है।
MP weather

मानसून एक बार फिर सुस्त पड़ गया है लेकिन चक्रवातीय परिसंचरण और ट्रफ के चलते 7 अगस्त तक प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।हालांकि कहीं कहीं भारी वर्षा हो सकती है। आज मंगलवार को ग्वालियर-चंबल संभाग में भारी भारिश का अलर्ट जारी किया गया है।इसका ज्यादा असर ग्वालियर, दतिया, भिंड और मुरैना में देखने को मिलेगा।भोपाल, इंदौर, जबलपुर में आंशिक बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।

वर्तमान में सक्रिय है ये मौसम प्रणालियां

वर्तमान में, मानसून ट्रफ़ माध्य समुद्र तल पर अमृतसर, देहरादून, शाहजहाँपुर, वाल्मीकि नगर, छपरा, जलपाईगुड़ी से होकर पूर्व-उत्तर-पूर्व की ओर अरुणाचल प्रदेश तक विस्तृत है। एक ट्रफ़, उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश से पूर्वी उत्तर प्रदेश होते हुए उत्तर-पूर्व बिहार तक माध्य समुद्र तल से 0.9 किमी की ऊंचाई पर विस्तृत है। एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण, सौराष्ट्र के ऊपर माध्य समुद्र तल से 4.5 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है।एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण, दक्षिण राजस्थान के मध्य भागों के ऊपर माध्य समुद्र तल से 3.1 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है।

Madhya Pradesh: 1 जून से 4 अगस्त तक कहां कितनी हुई वर्षा

मध्य प्रदेश में 1 जून से 2 अगस्त तक दीर्घावधि औसत से 50% अधिक वर्षा हुई है। इसमें पूर्वी मध्य प्रदेशऔसत से 52% अधिक और पश्चिमी मध्य प्रदेश औसत से 46% अधिक वर्षा हुई है।अब तक इस सीजन में 28.6 इंच बारिश यानि 47% ज्यादा बारिश हो चुकी है। प्रदेश के ग्वालियर, राजगढ़, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मुरैना और श्योपुर में बारिश का कोटा पूरा हो गया है। यहां सामान्य से 50% तक ज्यादा पानी गिर चुका है।इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, भोपाल, बुरहानपुर, जबलपुर और आगर-मालवा अभी भी कम पानी गिरा है।

अतिवृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई करेगी सरकार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अतिवृष्टि/बाढ़ से जनता को हुए नुकसान की भरपाई की जाएगी। कोई चिंता न करें, सरकार आपके साथ है। प्रत्येक प्रभावित परिवार का सर्वे कराकर क्षतिपूर्ति की जाए। सरकार द्वारा ‘डीबीटी प्रणाली’ के माध्यम से सहायता राशि सीधे प्रभावितों के खातों में पहुंचाई जाएगी। आने वाले दिनों में और भी वर्षा संभावित है, इसलिए प्रशासन पूर्ण सतर्कता बरते। जनप्रतिनिधियों की यह जिम्मेदारी है कि वे हर परिस्थिति में जनता के साथ खड़े रहें।

MP Weather Forecast till 7 august

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
Pooja Khodani

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
Follow Us :GoogleNews