कोई मजबूत मौसम प्रणाली के सक्रिय ना होने से मध्य प्रदेश का मौसम एक बार फिर बदल गया है। फिलहाल 4 दिन तक भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। हालांकि वातावरण में नमी के चलते जबलपुर रीवा और शहडोल संभाग के कुछ हिस्सों में तेज वर्षा होने की संभावना है। सितंबर अंत तक मानसून की विदाई हो सकती है।बता दे कि प्रदेश में अब तक औसत 41.3 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य के मुकाबले 12 प्रतिशत यानी 4.3 इंच ज्यादा है।
4 दिन भारी बारिश का अलर्ट नहीं
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- एक गहरा अवदाब क्षेत्र दक्षिण-पूर्वी पाकिस्तान और संलग्न राजस्थान व कच्छ के ऊपर, 25.0° उत्तर अक्षांश और 70.5° पूर्व देशांतर के पास, छोर (पाकिस्तान) से लगभग 90 किमी दक्षिण- पूर्व, बाड़मेर (राजस्थान) से 120 किमी दक्षिण-पश्चिम, राधनपुर (गुजरात) से 170 किमी उत्तर-पश्चिम, जैसलमेर (राजस्थान) से 190 किमी पश्चिम-उत्तर-पश्चिम और भुज (गुजरात) से 210 किमी उत्तर-उत्तर-पूर्व में अवस्थित है। इसके दक्षिण-पूर्वी पाकिस्तान और संलग्न राजस्थान में एक गहरे अवदाब के रूप में लगभग उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है।
- इसके बाद पश्चिम की ओर बढ़ने और धीरे-धीरे कमजोर होकर अवदाब में बदलने की संभावना है।वर्तमान में, मानसून ट्रफ़ माध्य समुद्र तल पर दक्षिण-पूर्वी पाकिस्तान और संलग्न राजस्थान व कच्छ पर बने गहरे अवदाब के केंद्र से, कोटा, उरई, सीधी, रांची, दीघा होकर पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पूर्व तक विस्तृत है।
- एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण दक्षिणी पंजाब और निकटवर्ती क्षेत्रों में माध्य समुद्र तल से 0.9 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है।एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और संलग्न पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी पर दक्षिणी ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों से दूर माध्य समुद्र तल से 1.5 से 5.8 किमी की ऊंचाई के मध्य सक्रिय है, जो ऊँचाई के साथ दक्षिण की ओर झुका हुआ है।
Madhya Pradesh: 1 जून से 8 सितंबर तक कहां कितनी हुई वर्षा
- मध्य प्रदेश में दीर्घावधि औसत से 24% अधिक वर्षा हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 19% और पश्चिमी मध्य प्रदेश 28% अधिक वर्षा हुई है। एमपी में अब तक 41.3 इंच बारिश हो चुकी है, जो सीजन की 110 प्रतिशत है। अब तक 33.4 इंच बारिश होनी थी। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। 30 जिले में बारिश का कोटा फुल हो चुका है।
- पिछले मानसूनी सीजन में औसत 44 इंच बारिश हुई थी। भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया में बारिश का कोटा फुल हो गया है।
MP Weather Forecast Till 12 September
