इन राज्यों में पुरानी पेंशन योजना लागू, लाखों कर्मचारियों को मिलेगा लाभ, जानें ओपीएस और एनपीएस में क्या है अंतर

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Old Pension Scheme 2023 :  राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड और पंजाब के बाद अब हिमाचल प्रदेश में भी पुरानी पेंशन योजना को लागू कर दिया गया है। चुनावी वादे के मुताबिक शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पहली कैबिनेट बैठक में इसे मंजूरी दे दी।  जल्द ही इसकी अधिसूचना वित्त विभाग द्वारा जारी की जाएगी और  ही कर्मचारियों को इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।

खास बात ये है कि इसका लाभ राज्य के 1.36 लाख सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा।  इसे वर्ष 2003 से दिया जाएगा। इसका एरियर दो महीने, चार महीने या साल बाद जैसे-जैसे संसाधन आएंगे, वैसे-वैसे मिलेगा। 1 अप्रैल 2004 से इस योजना को तत्कालीन एनडीए (NDA) सरकार ने बंद कर दिया था।एक जनवरी, 2004 से सरकारी सेवा में शामिल होने वाले कर्मचारी नई पेंशन नीति (एनपीएस) के अंतर्गत आते हैं।

बता दे कि हिमाचल प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की संख्या लगभग 2.75 लाख है, इनमें से करीब 1.5 लाख कर्मचारी नई पेंशन योजना के तहत आते है

जानिए क्या अंतर है OPS और NPS में

  • OPS में सरकारी कर्मचारी के रिटायर होने के बाद आखिरी मूल वेतन और महंगाई भत्ते की आधी रकम बतौर पेंशन ताउम्र सरकार के राजकोष से दी जाती है।
  • ओपीएस में हर साल दो बार महंगाई भत्ता भी बढ़कर मिलता है,पेंशन पाने वाले सरकारी कर्मचारी की मौत होने पर उसके परिवार के पेंशन दिए जाना भी ओपीएस में शामिल हैं।
  • एनपीएस एक कंट्रीब्यूटरी स्कीम है, जिसमें कर्मचारियों को अपने वेतन का दस प्रतिशत हिस्सा देना होता है। सरकार कर्मचारी के एनपीएस खाते में 14 प्रतिशत भाग डालती है।
  • पेंशन कमीशन के लागू होने पर पेंशन रिवाइज्ड होने का फायदा भी रिटायर कर्मचारी को मिलता है।
  • ओपीएस में पेंशन लेने वाले शख्स के 80 साल का होने पर मूल पेंशन में 20 फीसदी की वृद्धि होती है, इस तरह से पेंशनधारक के 85 की उम्र में 30 फीसदी, 90 की उम्र में 40 फीसदी, 95 की उम्र में 50 फीसदी और 100 की उम्र होने पर 100 फीसदी बढ़ता है।पेंशनधारक की उम्र 100 तक पहुंचने पर पेंशन की रकम दोगुनी हो जाती है।
  • नई पेंशन योजना (New Pension Scheme) के तहत सरकारी कर्मचारी को अपनी पेंशन में मूल वेतन का 10 फीसदी देना होता है और इसमें राज्य सरकार केवल 14 फीसदी का ही योगदान देती है।
  • नई पेंशन स्कीम  के तहत सेवानिवृत्ति पर पेंशन पाने के लिए एनपीएस फंड का 40 फीसदी निवेश करना होता है। सेवानिवृत्ति के बाद निश्चित पेंशन की गारंटी नहीं होती।
  • एनपीएस शेयर बाजार पर आधारित है। इसमें महंगाई भत्ते का प्रावधान शामिल नहीं है।
  • NPS में सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर उनके परिजनों को कुल वेतन का 50 फीसदी पेंशन के तौर पर देने का प्रावधान है।
  • OPS में कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद 20 लाख रुपए तक की ग्रेच्युटी मिलती है।
  • NPS में रिटायरमेंट के समय ग्रेच्युटी का कोई स्थायी प्रावधान नहीं है।
  • OPS में कर्मचारी के रिटायरमेंट पर GPF के ब्याज पर उसे किसी प्रकार का इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता।
  • OPS के विपरीत नई पेंशन स्कीम में रिटायरमेंट पर शेयर बाजार के अनुसार जो भी पैसा मिलेगा,आपको उसपर टैक्स देना होता है।
  • पुरानी पेंशन योजना (old pension scheme) ओपीएस में कर्मचारियों के लिए 6 महीने के बाद मिलने वाला महंगाई भत्ता (DA) लागू किया जाता है।
  • न्यू पेंशन स्कीम (NPS) में 6 महीने के उपरांत मिलने वाला महंगाई भत्ता (DA) लागू नहीं होता है।
Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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