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सुप्रीम कोर्ट की क्लीन चिट, वनतारा में हाथियों की देखरेख नियमों के अनुसार, आरोप साबित नहीं

Written by:Neha Sharma
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गुजरात के जामनगर जिले में अंबानी परिवार द्वारा स्थापित वनतारा पशु बचाव एवं पुनर्वास केंद्र को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि उनके द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट में वनतारा में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं पाई गई है।
सुप्रीम कोर्ट की क्लीन चिट, वनतारा में हाथियों की देखरेख नियमों के अनुसार, आरोप साबित नहीं

गुजरात के जामनगर जिले में अंबानी परिवार द्वारा स्थापित वनतारा पशु बचाव एवं पुनर्वास केंद्र को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि उनके द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट में वनतारा में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं पाई गई है। जांच में यह साफ हुआ कि वन विभाग से हाथियों को खरीदने और उन्हें वनतारा में रखने की प्रक्रिया पूरी तरह से नियमों के तहत की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि वनतारा ने नियमों का पालन करते हुए हाथियों को संरक्षण दिया है तो इसमें कोई गलत बात नहीं, बल्कि इसे सकारात्मक कदम माना जाएगा।

यह रिपोर्ट SIT ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत की थी, जिसे सोमवार को खंडपीठ ने देखा। न्यायमूर्ति पंकज मिथल और न्यायमूर्ति पी. बी. वराले की पीठ ने कहा कि रिपोर्ट से साबित होता है कि वनतारा में सभी नियमों के तहत जानवरों का ख्याल रखा जा रहा है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उन्हें SIT की जांच से पूरी तरह संतोष है और इसमें किसी भी तरह की खामी नहीं मिली।

वनतारा को सुप्रीम कोर्ट की क्लीन चिट

हालांकि, इस रिपोर्ट को सार्वजनिक करने से कोर्ट ने इनकार कर दिया। वनतारा के वकील हरीश साल्वे ने दलील दी थी कि रिपोर्ट सार्वजनिक होने पर विदेशी अखबार जैसे न्यूयॉर्क टाइम्स उसका गलत इस्तेमाल कर सकते हैं और नरेटिव गढ़ सकते हैं। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने रिपोर्ट को गोपनीय रखने का निर्णय लिया। कोर्ट ने यह भी कहा कि 14 अगस्त को दी गई याचिका पर जांच का आदेश सही था, लेकिन SIT की जांच से यह साबित हो गया कि याचिकाकर्ता सीआर जया सुकिन के आरोप निराधार हैं।

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि वनतारा में हाथियों को कैद करके रखा जा रहा है और उन्हें उनके असली मालिकों को वापस किया जाना चाहिए। उन्होंने इसके लिए एक निगरानी समिति गठित करने की मांग भी की थी। लेकिन SIT की रिपोर्ट ने साफ कर दिया कि वनतारा में हाथियों को नियमों के मुताबिक सुरक्षित माहौल में रखा गया है और उनकी देखरेख में कोई खामी नहीं है।

निर्णय के बाद वनतारा प्रबंधन ने आभार जताते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट और SIT की रिपोर्ट ने हमारे पशु कल्याण मिशन को मजबूती दी है। उन्होंने कहा कि यह आदेश उन्हें और अधिक समर्पण के साथ उन जीवों की सेवा करने की प्रेरणा देगा, जो अपनी बात खुद नहीं कह सकते। वनतारा परिवार ने सुप्रीम कोर्ट और SIT के निष्कर्षों को “आरोपों का अंत और सच्चाई की जीत” करार दिया।

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