आनंदक परिचय सम्मेलन : स्वयं से जुड़कर ही आनंद को प्राप्त किया जा सकता है: अखिलेश अर्गल

आनंदक परिचय सम्मेलन : स्वयं से जुड़कर ही आनंद को प्राप्त किया जा सकता है: अखिलेश अर्गल

ग्वालियर, अतुल सक्सेना| मध्यप्रदेश राज्य आनंद संस्थान (Madhya Pradesh State Anand Institute) द्वारा मुरैना (Morena) में तीन दिवसीय आनंदक परिचय सम्मेलन का शुभारंभ धृति तोमर द्वारा प्रस्तुत “इतनी शक्ति हमें देना दाता” प्रार्थना से हुआ। इसके बाद राज्य आनंद संस्थान मप्र के सीईओ अखिलेश अर्गल ने अपने उद्घाटन संबोधन में कहा कि प्रत्येक मनुष्य अपने अपने जीवन में शांति और आनंद तो चाहता है लेकिन इसे पाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने से बचता है। अल्पविराम कार्यक्रम के माध्यम से हमें खुद से जुड़ने का अवसर प्रदान करता है और हम स्वयं से जुड़कर ही आनंद की यात्रा की ओर बढ़ सकते हैं। इसके माध्यम से हम स्वयं दिशा और मार्गदर्शन प्राप्त करते हैं क्योंकि अंतरात्मा की आवाज सुनकर ही आनंद की यात्रा प्रारंभ होती है यह आवाज सभी के भीतर मौजूद है लेकिन सभी सुन नहीं पाते। इसको सुनने के लिए स्वयं के साथ गहरा जुड़ाव आवश्यक है। श्री अर्गल ने मुरैना टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि मुरैना द्वारा सदैव नवाचार किया जाता रहा है और इस आयोजन में भी विभिन्न तरह के नवाचार किए जा रहे हैं जो प्रसन्नता का विषय है।

इससे पूर्व राज्य आनन्द संस्थान म. प्र. के सक्रिय आनन्दम सहयोगी विजय कुमार उपमन्यु ने आनंदक कार्यक्रम के सभी प्रतिभागियों का परिचय कराते हुए कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला एवं आनन्दम सहयात्रियों को सक्रिय सहभागिता हेतु प्रेरित किया ।

मुरैना के जिला संपर्क व्यक्ति बालकृष्ण शर्मा ने तीन दिन चलने वाले सभी सत्रों का परिचय और प्रशिक्षकों के परिचय से अवगत कराया। राज्य आनंद संस्थान म. प्र.के पर्यवेक्षक प्रदीप महतो ने प्रतिभागियों को वास्तविक आनंद और सुख के अंतर को अपने अनुभव सुना कर स्पष्ट किया। संचालन कर रहे मास्टर ट्रेनर डॉ. सुधीर आचार्य ने प्रशिक्षण में प्रयुक्त प्रमुख शब्दावली अल्पविराम , शांत समय , मौन और आत्मपोषण की सोदाहरण व्याख्या की। प्रेरणा गीत बिंदु सोलंकी ने प्रस्तुत किया । ऑनलाइन इस कार्यक्रम में अन्दर की आवाज सुनने और समझने के लिए मास्टर ट्रेनर दीप्ति उपाध्याय द्वारा अंतर्मन के फ़्रीडम ग्लास टूल्स की प्रस्तुति की गई , जो अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुई। जिसमें अपने अंतः की बुराइयों को स्वीकारते हुए हैं, जीवन में आए बदलाव को, कृष्णवीर सिंह तोमर,मनोज शर्मा, कृति सिंह, राजा खान ने सबके साथ साथ सांझा किया। इस अवसर पर संभागीय समन्वयक ई. ए .के .शर्मा, मास्टर ट्रेनर बलवीर बुंदेला, विश्वनाथ गुर्जर, दुष्यंत तोमर, अरविंद मावई, सुजाता तोमर मधु तोमर , मणीन्द्र कौशिक सहयोगी के रुप में उपस्थित थे ।

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