ऊर्जा मंत्री के दौरे के बाद बड़ा एक्शन- लापरवाही पर 6 अधिकारी और कर्मचारी निलंबित

MP news

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर (Energy Minister Pradyuman Singh Tomar) के निर्देश और नगर निगम कमिश्नर की सख्ती के बाद भी नगर निगम के अधिकारी कर्मचारी सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं हैं, इसका उदाहरण गुरुवार को ऊर्जा मंत्री और निगम कमिश्नर के निरीक्षण के दौरान दिखाई दिया, जिसके बाद लापरवाही पर नाराजगी दिखाते हुए नगर निगम कमिश्नर ने 6 अधिकारियों कर्मचारियों को निलंबित (Suspended) कर दिया है।

यह भी पढ़े… Transfer: मध्य प्रदेश में आरपीएफ इंस्पेक्टरों के तबादले, यहां देखें लिस्ट

दरअसल, ऊर्जा मंत्री के दौरे के बाद नगर निगम कमिश्नर शिवम वर्मा (Gwalior Municipal Corporation Commissioner) ने उपनगर ग्वालियर क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 4, 5 एवं 6 में साफ सफाई व्यवस्था में लापरवाही के चलते संबंधित सहायक स्वास्थ्य अधिकारी, 2 स्वच्छता निरीक्षक एवं 3 डब्ल्यूएचओ को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं।

यह भी पढ़े… New Transfer Policy: बिना प्रभारी मंत्रियों के मध्य प्रदेश में कैसे होंगे तबादलें…? 

दरअसल, उर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के साथ गुरुवार को नगर निगम कमिश्नर शिवम वर्मा द्वारा वार्ड क्रमांक 4, 5 एवं 6 में साफ सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान तीनों वार्डों में कई स्थानों पर सफाई व्यवस्था में लापरवाही मिली थी, जिसके चलते निगम कमिश्नर वर्मा ने नाराजगी दिखाते हुए 6 अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है।

ये 6 अधिकारी-कर्मचारी हुए निलंबित

सहायक स्वास्थ्य अधिकारी अजय सिंह ठाकुर, स्वच्छता निरीक्षक क्षेत्र क्रमांक 1 धर्मेन्द्र परमार, स्वच्छता निरीक्षक क्षेत्र क्रमांक 2 भगवानदास, डब्ल्यूएचओ वार्ड क्रमांक 4 महेश पथराल, डब्ल्यूएचओ वार्ड क्रमांक 5 मनोज खरे एवं डब्ल्यूएचओ वार्ड क्रमांक 6 राजेन्द्र पारछे को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल संबंधित क्षेत्रों में साफ साफ व्यवस्था कराने एवं निरंतर उक्त वार्डों में सफाई व्यवस्था की माॅनीटरिंग करने के निर्देश दिए।

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
Pooja Khodani

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
Follow Us :GoogleNews