सीएम राइज स्कूल : अब सरकारी स्कूलों में मिलेंगी प्राइवेट स्कूलों जैसी सुविधाएं, ग्वालियर में मंत्रियों ने किया भूमिपूजन

सीएम राइज स्कूल : अब सरकारी स्कूलों में मिलेंगी प्राइवेट स्कूलों जैसी सुविधाएं, ग्वालियर में मंत्रियों ने किया भूमिपूजन

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान में आज सीएम राइज स्कूल (CM Rise School) के निर्माण के लिए सामूहिक भूमिपूजन किया। इंदौर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सीएम शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) ने 2519 करोड़ की लागत से बनने वाले प्रदेश के 69 स्कूलों के लिए आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि मेरे बच्चों, सीएम राइज स्कूल की बिल्डिंग भी भव्य होगी और लैब, मैदान, स्मार्ट क्लास, लाइब्रेरी भी होगी। मेरे बच्चों, तुम्हारा भविष्य उज्ज्वल हो, इसके लिए मैं सतत कार्य कर रहा हूं।  इसी क्रम में ग्वालियर में शिवराज सरकार के दो मंत्रियों ने सीएम राइज स्कूलों के लिए भूमिपूजन किया।

मध्य प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर (Energy Minister Pradyuman Singh Tomar) ने अपने विधानसभा क्षेत्र ग्वालियर विधानसभा में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ग्वालियर में बनने वाले सीएम राइज स्कूल के लिए भूमिपूजन किया और उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भारत सिंह कुशवाह (Minister of State Bharat Singh Kushwaha)  ने अपने विधानसभा क्षेत्र ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेरजा में बनने वाले सीएम राइज स्कूल के लिए भूमि पूजन किया। इन कार्यक्रमों ने मुख्यमंत्री वर्चुअली रूप से मौजूद रहे।

राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार श्री कुशवाह ने सीएम राइज स्कूल के भूमिपूजन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यदि वर्तमान में ही अच्छे ढंग से भविष्य की नींव रखी जाए तो निश्चित ही प्रगति और तरक्की होती है। इसी भाव के साथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर प्रदेश सरकार द्वारा सीएम राइज स्कूल खोले जा रहे हैं। उन्होंने कहा
सीएम राइज स्कूलों में स्मार्ट तरीके से बच्चों को शिक्षा दी जाएगी।

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28 गाँवों के बच्चे प्रतिष्ठित निजी स्कूलों जैसी सुविधा मिलेगी

उन्होंने कहा कि इन स्कूलों में आधुनिक प्रयोगशाला, कम्प्यूटर लेब, स्मार्ट क्लॉस, पुस्तकालय की सुविधा के साथ कला, संगीत, खेल-कूद और व्यवसायिक शिक्षा भी उपलब्ध कराई जाएगी। बच्चों को उनके गाँव से स्कूल तक लाने और वापस घर तक पहुंचने के लिए सरकार बस सुविधा भी मुहैया कराएगी। ग्वालियर जिले के विकास खण्ड मुरार के ग्राम बेरजा व उसके 15 किलोमीटर के दायरे में बसे 28 गाँवों के बच्चों को प्रतिष्ठित निजी स्कूलों जैसे सुविधाजनक परिसर में बैठकर स्मार्ट पढ़ाई करेंगे। बेरजा में लगभग 32 करोड़ रुपए की लागत से सीएम राइज स्कूल बनने जा रहा है।

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ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कही बड़ी बात

उधर ग्वालियर विधानसभा में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में सीएम राइज स्कूल के लिए भूमिपूजन करते हुए ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि अब अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति की बेटी भी मूंगफली बेचने वाले की बेटी भी देहली पब्लिक स्कूल जैसे शिक्षा प्राप्त कर सकेगी।

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सीएम राइज स्कूल की प्रमुख विशेषताएँ

सीएम राइज स्कूल की 10 प्रमुख विशेषता निर्धारित की गई हैं। इन स्कूलों में विश्व-स्तरीय अधो-संरचना, परिवहन सुविधा, नर्सरी एवं पूर्व प्राथमिक कक्षाएँ, स्मार्ट क्लॉस एवं डिजिटल लर्निंग, शत-प्रतिशत स्टॉफ एवं सहायक स्टॉफ, स्टॉफ की क्षमता वृद्धि, सुसज्जित प्रयोगशालाएँ, वाचनालय, पाठ्येत्तर सुविधाएँ, 21वीं सदी की आवश्यकता के अनुरूप कौशल कार्यक्रम, व्यावसायिक शिक्षा और पालकों की सहभागिता रहेगी।

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स्कूली शिक्षा में आमूलचूल बदलाव लाएँगे सीएम राइज स्कूल

राज्य शासन ने स्कूली शिक्षा में आमूलचूल परिवर्तन करने के लिए सीएम राइज स्कूल शुरू करने का क्रांतिकारी निर्णय लिया है। ये स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता को और भी बेहतर बनाने के लिए खोले जा रहे हैं। सीएम राइज स्कूल में के.जी. से लेकर कक्षा 12वीं तक शिक्षा दी जाएगी। प्रदेश में 2 चरण में 9 हजार 95 सीएम राइज स्कूल खोले जायेंगे। प्रथम चरण में वर्ष 2021-24 में प्रत्येक जिला एवं विकासखण्ड स्तर पर 360 स्कूल खोले जायेंगे। दूसरे चरण में वर्ष 2024 से 2031 तक प्रत्येक 10 से 15 किलोमीटर में एक सीएम राइज स्कूल शुरू होगा और 8 हजार 735 स्कूल खोले जायेंगे।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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