शिवराज के मंत्री का बड़ा बयान,आंदोलन के नाम पर कांग्रेस सेक रही राजनैतिक रोटियां

शिवराज के मंत्री का बड़ा बयान,आंदोलन के नाम पर कांग्रेस सेक रही राजनैतिक रोटियां

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। मध्यप्रदेश के उद्यानिकी और खाद्य प्र-संस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भारत सिंह कुशवाह (Bharat Singh Kushwah) ने किसान आंदोलन (Former Protest) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि किसानों के आंदोलन में कांग्रेस (Congress) जैसे राजनैतिक दल घुसकर अपनी रोटियां सेक रहे हैं और किसानों को भड़का रहे हैं।

ग्वालियर में कई कार्यक्रमों में शामिल होने पहुंचे शिवराज सरकार के उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार) भारत सिंह कुशवाह में पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि इन विपक्षी राजनैतिक दलों को अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के सारे रास्ते बंद दिखने लगे तो ये किसान आंदोलन के बहाने अपनी उपस्थिति दर्ज कराने कि कोशिश कर रहे हैं। भारत सिंह ने कहा कि यदि ये आंदोलन केवल किसानों का आंदोलन होता तो किसान सरकार से बात करते और बात को समझते। क्योंकि केंद्र सरकार ने हमेशा कहा है कि कहीं कोई शंका है तो उसका समाधान होगा, किसानों के लिए हमारे दरवाजे हमेशा खुले हैं। मंत्री ने कहा कि ये किसानों की सरकार है। यदि किसान आंदोलन का समर्थन कर रही कांग्रेस यदि सच्ची हितैषी होती तो किसानों के लिए कुछ करती। जो भी योजनाएं आईं वो भारतीय जनता पार्टी की सरकार के समय आया।

राज्य मंत्री ने कहा कि कांग्रेस किसान आंदोलन के नाम पर राजनैतिक रोटियां सेक रही है। वो अपनी उपस्थिति दर्ज कराना चाहती है। वो किसानों को भड़का रही है। उन्होंने आंदोलन कर रहे किसानों से अपील की कि वो किसी के बहकावे में ना आये इस कानून का अच्छे से अध्ययन करें। कहीं कोई परेशानी है तो वो बात कर दूर की जा सकती है। वे आंदोलन को समाप्त करें। मंत्री ने कहा कि इस कानून में किसान को अपनी उपज देश की किसी भी मंडी में बेचने की छूट है, इस कानून में किसान को आजादी दी गई है। जो कभी नहीं हुआ। इसलिए आंदोलन का रास्ता छोड़ दें।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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