मिहिर भोज मूर्ति विवाद में फंसे निगम इंजीनियर, कमिश्नर ने दिया कारण बताओ नोटिस

मिहिर भोज मूर्ति विवाद में फंसे निगम इंजीनियर, कमिश्नर ने दिया कारण बताओ नोटिस

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। सम्राट मिहिर भोज (Samrat Mihir Bhoj) की मूर्ति पर लगी पट्टिका को लेकर उपजे विवाद को जिला प्रशासन ने फिलहाल नियंत्रित कर लिया है। लेकिन प्रशासन ऐसे लोगों को भी चिन्हित कर रहा है जिनकी भूमिका इस दरमियान संदिग्ध रही है। नगर निगम कमिश्नर (Gwalior Municipal Corporation Commissioner) ने एक इंजीनियर को कारण बताओ नोटिस जारी कर 24 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा है।

नगर निगम के प्रभारी सहायक यंत्री राजेंद्र सिंह भदौरिया को नगर निगम कमिश्नर किशोर कान्याल ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कमिश्नर द्वारा जारी नोटिस में राजेंद्र सिंह भदौरिया पर गंभीर आरोप लगाए गये हैं। नोटिस में कहा गया है कि आपके द्वारा मिहिर भोज प्रतिमा विवाद में एक वर्ग विशेष का समर्थन कर लोगों को भड़काने का काम किया जा रहा है। जिसके कारण कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी है और प्रशासन को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

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नोटिस में राजेंद्र सिंह भदौरिया से कहा गया है कि आपके द्वारा न्यूज़ चैनल, सोशल मीडिया पर एक वर्ग विशेष का समर्थन करते हुए नागरिकों को भड़काने वाले कंटेंट शेयर करवाये जा रहे हैं। जिनमें आपके वक्तव्य से शासन और कानून व्यवस्था विरोधी गतिविधियां प्रदर्शित हो रही हैं। आपका आचरण सिविल सेवा आचरण अधिनियम 1965 के प्रावधानों का उल्लंघन है। कमिश्नर ने राजेंद्र सिंह भदौरिया को 24 घंटे में अपना स्पष्टीकरण देने के लिए कहा है। वरना एक पक्षीय कार्रवाई की जायेगी।

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गौरतलब है कि मूर्ति विवाद में राजेंद्र सिंह भदौरिया का नाम चर्चा में आने के बाद नगर कमिश्नर ने प्रभारी सहायक यंत्री जलप्रदाय शाखा राजेंद्र सिंह भदौरिया से  अधिकारी सीवर सेल के प्रभार सहित अन्य सभी दायित्व वापस ले लिए थे और उन्हें कमिश्नर में अटैच कर दिया था

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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