‘महाराज’ को मप्र से भगाना चाहते थे दिग्विजय-कमलनाथ, इसलिए भाजपा में आये: इमरती देवी

‘महाराज’ को मप्र से भगाना चाहते थे दिग्विजय-कमलनाथ, इसलिए भाजपा में आये: इमरती देवी

डबरा, सलिल श्रीवास्तव
कांग्रेस (Congress) छोड़ भाजपा (BJP) में शामिल हुई मंत्री इमरती देवी (Imarti Devi) का कहना है कि दिग्विजय सिंह (Digvijay) और कमलनाथ (Kamalnath) ‘महाराज’ को मप्र से भगाना चाहते थे इसलिए भाजपा में आये| इमरती देवी यहीं नहीं रुकी, उन्होंने कहा कांग्रेस सरकार में कमलनाथ ने मंत्रिमंडल में सिंधिया समर्थकों (Scindia Supporters) को पुतला बना कर बिठा रखा था| कोई काम नहीं दिया, लेकिन अब सभी काम होंगे| डबरा के ग्रामीण इलाके में पहुंची इमरती देवी ने लोगों को सम्बोधित करते हुए यह बात कही| जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है|

जिन 22 सिंधिया समर्थक विधायकों के इस्तीफे से कमलनाथ सरकार का खेल बिगड़ा उनमे इमरती देवी भी शामिल थी| वे ज्योतिरादित्य सिंधिया की ख़ास मानी जाती हैं| यही कारण है कि शिवराज सरकार में भी उन्हें मंत्री पद मिला और जो विभाग पहले था अब भी उसी विभाग की मंत्री बनी हैं| मंत्री इमरती अपने बयानों को लेकर अक्सर सुर्ख़ियों में आ जाती है| इस बार उन्होंने कमलनाथ सरकार में सिंधिया समर्थक मंत्रियों की स्थिति का खुलासा किया है|

डबरा के ग्रामीण इलाके में लोगों को सम्बोधित करते हुए इमरती देवी ने कहा पहले जब आये थे तो सड़क की बात कही थी, इस रोड की लड़ाई हमने बहुत लड़ी, लेकिन हम सिंधियाजी के मंत्री थे, इसलिए हमें ऐसा बिठा रखा था जैसे हम सिर्फ पुतला हों, कोई काम नहीं दिया, लेकिन अब जल्द ही रोड मंजूर होगी और जल्द ही रोड बनेगी|

महाराज को मप्र से भगाना चाहते थे दिग्विजय कमलनाथ 
मंत्री ने कहा पहले हम पंजा पर थे अब कमल पर आ गए| लेकिन हम आपके साथ हैं, यह साथ कभी नहीं छोड़ेंगे| सिर्फ चिन्ह बदला है, ‘महाराज’ का कांग्रेस में सम्मान नहीं था, दिग्विजय और कमलनाथ ‘महाराज’ को मध्य प्रदेश से भगाना चाहते थे| इसलिए ‘महाराज’ के सम्मान के लिए बीजेपी में आये हैं|

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews