Gwalior जिले में पटाखों पर प्रतिबंध, कलेक्टर ने जारी किये आदेश

Gwalior जिले में पटाखों पर प्रतिबंध, कलेक्टर ने जारी किये आदेश

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। ग्वालियर कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह (Gwalior Collector Kaushlendra Vikram Singh) ने आज एक आदेश जारी कर ग्वालियर जिले में पटाखों पर प्रतिबंध (Firecrackers banned in Gwalior district) लगा दिया है। आदेश में प्रतिबंध लगाने का कारण ग्वालियर जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक (Gwalior Air Quality Index) poor बताया गया है।  इसके पीछे सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला भी दिया गया है।

आज धनतेरस की शाम ग्वालियर कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने एक आदेश जारी किया है।  आदेश में सुप्रीम कोर्ट के 2015 के एक आदेश और मप्र शासन के 2022 के आदेशों के हवाले से दीपावली के अवसर पर पटाखों के निर्माण, उपयोग, विक्रय वितरण और प्रस्फोटन (फोड़ने/चलाने)के संबंध में जानकारी दी है।

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आदेश में कहा गया है कि राज्य शासन द्वारा इन सब निर्देशों को देखते हुए दीपावली पर रात 8 बजे से 10 बजे तक ही ग्रीन पटाखों का उपयोग केवल उन शहरों में किया जा सकता है जहाँ नवंबर 2021 की स्थिति में वायु गुणवत्ता सूचकांक (Air Quality Index) मध्यम या इससे नीचे है।

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शासन के आदेश में नवम्बर 2021 की स्थिति में सभी जिलों की वायु गुणवत्ता सूचकांक सूची संलग्न हैं जिसके आधार पर ग्वालियर जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक (Gwalior Air Quality Index) Poor श्रेणी का है।  ऐसी स्थित में ग्वालियर नगर निगम सीमा के बाहर पूरे जिले में रात 8 बजे से रात 10 बजे तक केवल ग्रीन पटाखे (Green Crackers) चलाने की अनुमति होगी जबकि ग्वालीर नगर निगम सीमा क्षेत्र में सभी तरह के पटाखों पर प्रतिबंध रहेगा। कलेक्टर ने सभी एसडीएम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इस आदेश के पालन की जिम्मेदारी सौंपी है।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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