धौलपुर से ग्वालियर लाया गया 7 लाख रुपये से अधिक कीमत का मिल्क केक जब्त, जांच के लिए भेजे नमूने

जनसुनवाई में 130 लोगों की सुनवाई की गई। यहाँ प्राप्त आवेदनों में से 75 आवेदन दर्ज किए गए, जबकि 55 आवेदन सीधे संबंधित अधिकारियों को निराकरण के लिए सौंपे गए।
Gwalior Food Safety Department seized milk cake

Gwalior Food Safety Department seized milk cake

त्योहारी मौसम को देखते हुए ग्वालियर जिला प्रशासन की खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में जन-सुनवाई के दौरान मिली एक सूचना के आधार पर खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने पुरानी छावनी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए 4,526 किलोग्राम मिल्क केक जब्त किया है। जब्त किए गए मिल्क केक की अनुमानित कीमत करीब 7 लाख 24 हजार रुपये बताई गई है। शुरूआती जानकारी के अनुसार यह मिल्क केक राजस्थान के धौलपुर से ग्वालियर लाया जा रहा था।

जानकारी के मुताबिक मंगलवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका से संबंधित सूचना प्रशासन को दी। सूचना में मिल्क केक की गुणवत्ता को लेकर भी आशंका जताई गई थी। प्रशासन ने सूचना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल खाद्य सुरक्षा प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

मिल्क केक के नमूने जांच के लिए भेजे 

जिला प्रशासन के निर्देश के बाद खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने पुरानी छावनी क्षेत्र में कार्रवाई की। टीम ने संदिग्ध मिल्क केक को अपने कब्जे में लेते हुए कुल 4,526 किलोग्राम मिल्क केक जब्त किया। इतनी बड़ी मात्रा में मिल्क केक मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने इसके नमूने जांच के लिए भेज दिए हैं। मिल्क केक के नमूने जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जनसुनवाई में 130 लोगों की सुनी गई समस्याएं

इधर, कलेक्ट्रेट में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याएं सुनी गईं। जनसुनवाई में कुल 130 लोगों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। इनमें से 75 आवेदन विधिवत दर्ज किए गए, जबकि 55 आवेदन मौके पर ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को निराकरण के लिए सौंपे गए।

प्रशासन की ओर से अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण कर नियमानुसार निराकरण किया जाए। खासतौर पर खाद्य पदार्थों में मिलावट से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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