राजस्व दस्तावेज की नकल देने के एवज में रुपए मांगना भारी पड़ा, पटवारी और क्लर्क निलंबित

कलेक्टर रुचिका चौहान ने शिकायत को गंभीरता से लिया और दोनों कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया। 
Suspend

Suspend

मुख्यमंत्री डॉ मोहन ने भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के निर्देश प्रदेश के सभी प्रशासनिक अधिकारियों को दिए हैं इसका असर दिखाई भी देता है, इसी क्रम में ग्वालियर कलेक्टर ने घूस मांगने वाले दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है, निलंबित किये जाने वाले कर्मचारियों में एक पटवारी और एक क्लर्क शामिल हैं।

ग्वालियर जिला प्रशासन के अंतर्गत ग्वालियर तहसील के रिकॉर्ड रूम से राजस्व दस्तावेज की तुरंत नकल देने के नाम पर आवेदक से रुपए मांगना दो कर्मचारियों को भारी पड़ा है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने इन दोनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। बता दें  तहसील कार्यालय ने इसकी शिकायत कलेक्टर से की थी।

तहसील कार्यालय ने की थी शिकायत  

ग्वालियर तहसील कार्यालय ने कलेक्टर कार्यालय को पत्र लिखकर सूचित किया गया था कि रिकॉर्ड रूम में पदस्थ पटवारी बीना शिवहरे व सहायक वर्ग-3 सुमन कुशवाह द्वारा राजस्व दस्तावेज की तुरंत नकल दिलाने के नाम पर रुपयों की मांग की गई है। इससे प्रशासन की छवि धूमिल हुई है। तहसील कार्यालय द्वारा लिखे गए पत्र में यह भी उल्लेख था कि जिला अभिभाषक संघ द्वारा सहायक वर्ग-3 सुमन कुशवाह के खिलाफ ज्ञापन भी दिया गया था। कलेक्टर रुचिका चौहान ने इसे गंभीरता से लिया और दोनों कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए निलंबित कर दिया।

भू संसाधन प्रबंधन शाखा में भेजा 

शिकायत पर गंभीरता से एक्शन लेते हुए कलेक्टर रुचिका चौहान ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण एवं अपील) नियम के प्रावधानों के तहत इन दोनों कर्मचारियों को निलंबित करने के अलग-अलग आदेश जारी किए हैं। निलंबन अवधि में पटवारी बीना शिवहरे व सहायक वर्ग-3 सुमन कुशवाह का मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय की भू संसाधन प्रबंधन शाखा में रहेगा। उन्हें नियमानुसार प्रतिमाह जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews