Gwalior News : पुलिस आरक्षक के बेटे ने पड़ोसी आरक्षक की नाबालिग बेटी का अपहरण कर किया दुष्कर्म, गिरफ्तार

Gwalior News : पुलिस आरक्षक के बेटे ने पड़ोसी आरक्षक की नाबालिग बेटी का अपहरण कर किया दुष्कर्म, गिरफ्तार

Gwalior News : एक पुलिस आरक्षक के बेटे ने ना अपने पिता की इज्जत का ध्यान रखा, ना ही पड़ोसी धर्म का और न ही दोस्ती का, उसने पड़ोस में रहने वाले एक अन्य आरक्षक की 16 साल की नाबालिग बेटी का पहले अपहरण किया उसे एक होटल में ले जाकर बंधक बनाया और फिर उसके  साथ दुष्कर्म किया, बेटी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज आकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है ।

स्कूल जाते समय बाइक पर बैठाया फिर घुमाता रहा आरोपी 

जानकारी के मुताबिक ग्वालियर में SAF की सेकंड बटालियन में पदस्थ एक पुलिसकर्मी के बेटे ने इसी बटालियन में पदस्थ एक अन्य पुलिसकर्मी की बेटी का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने बताया कि 16 वर्षीय 11वीं की छात्रा को  उसके पड़ोस में रहने वाले आरक्षक गोविंद बरार का बेटा विजय बरार स्कूल जाते वक्त रास्ते में मिला और बाइक पर बैठाकर ले गया।

होटल में बंधक बनाकर किया दुष्कर्म, सड़क पर छोड़कर भाग गया  

आरोपी कई घंटे तक लड़की को घुमाता रहा और फिर रोक्सी पुल के पास एक होटल में ले गया और उसको कमरे में बंद कर उसके साथ जबरदस्ती करने लगा,  छात्रा के विरोध करने पर उसने उसके साथ मारपीट की नशीला पदार्थ मिलाया और फिर दुष्कर्म किया, आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी और छात्रा  को रास्ते में उतारकर भाग गया।

छात्रा ने परिजनों के साथ पुलिस में की शिकायत, आरोपी गिरफ्तार 

लड़की जैसे तैसे घर पहुंची उसने अपने माता पिता को पूरी घटना बताई। जिसके बाद छात्रा को लेकर उसके परिजन थाने पहुंचे और शिकायत की। पुलिस ने छात्रा की शिकायत पर आरोपी पुलिसकर्मी के बेटे के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म, बंधक बनाने और पास्को जैसी धाराओ में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।

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ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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