Gwalior News : दो युवकों की पत्थर से कुचलकर हत्या, शीतला माता मंदिर रोड पर मिले शव

पुलिस ने फोरेंसिक एक्सपर्ट को बुलाकर शवों की पड़ताल कराई, शरीर पर निशान दिखाई दिए है गले पर कुछ निशान दिखाई दिए है जैसे पत्थर से कुचलने से पहले गला घोटा गया है।
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Gwalior News : ग्वालियर में शीतला माता मंदिर रोड पर दो शव मिलने से सनसनी फ़ैल गई, किसी राहगीर ने पुलिस को शवों की सूचना दी जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों की पड़ताल की, मृतकों में एक दिव्यांग भी है, दोनों की पत्थर से कुचलकर हत्या की गई है, खून से सने पत्थर भी शव के पास मिले हैं, पुलिस की फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंच गई, मृतक अभी अज्ञात हैं।

पत्थर से कुचले दो शव मिलने से फैली सनसनी 

ग्वालियर की कम्पू थाना पुलिस को किसी राहगीर में सूचना दी कि शीतला माता मंदिर रोड पर खून से लथपथ दो शव पड़े हुए हैं, सूचना के बाद पुलिस घटना स्थल पर पहुंची, शवों एक चेहरे बुरी तरह कुचले हुए थे खून से सने पत्थर भी वहीं पड़े हुए थे जिससे समझ आता है कि आरोपी ने पत्थर से कुचलकर हत्या की है, आरोपियों की संख्या एक से अधिक भी हो सकती है।

मृतकों की पहचान करने का प्रयास कर रही पुलिस 

पुलिस शवों की जाँच की तो उनके पास एक बैग मिला जिसमें उन्हें कपड़े मिले हालाँकि उसमें ऐसा कोई दस्तावेज नहीं मिला जिससे मृतकों की पहचान हो सके, बैग नया जैसा है उसमें एक चार्जर मिला लेकिन मोबाइल नहीं मिला, पुलिस ने आसपास के गांवों में पहचान करने की कोशिश की है, पुलिस को लग रहा है कि ये राहगीर भी हो सकते हैं।

मृतकों के गले पर भी निशान 

पुलिस ने फोरेंसिक एक्सपर्ट को बुलाकर शवों की पड़ताल कराई, शरीर पर निशान दिखाई दिए है गले पर कुछ निशान दिखाई दिए है जैसे पत्थर से कुचलने से पहले गला घोटा गया है, बहरहाल पुलिस के लिए शवों की शिनाख्त कर हत्यारों को गिरफ्तार करना और हत्या की वजह जानना चुनौतियाँ हैं।

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Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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