Gwalior News : दीवार हादसे पर नगर निगम का बड़ा एक्शन, तीन इंजीनियर निलंबित, दो को नोटिस, वर्तमान क्षेत्राधिकारी को हटाया

इस हादसे में दीवार के पास चाय का ठेला लगाने वाली सपना बाथम की मौके पर ही मृत्यु हो गई जबकि उसका पति राहुल जाटव एवं देवर बेताल जाटव घायल हो गए जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनका उपचार जारी है।
Wall collapse incident in Gwalior

Wall collapse incident in Gwalior

ग्वालियर में  रविवार सुबह गुढ़ा गुढी का नाका क्षेत्र में पहाड़ी के पास नगर निगम द्वारा बनाई गई दीवार गिरने की घटना की जाँच रिपोर्ट आ गई है। निगम कमिश्नर संघ प्रिय द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट में दीवार बनाने में इंजीनियरों की बड़ी लापरवाही सामने आई है, कमिश्नर के निर्देश पर तीन इंजीनियर्स को निलंबित कर दिया गया है वहीं दो इंजीनियर को कारण बताओ नोटिस दिए गए हैं वहीं वर्तमान क्षेत्र अधिकारी को वहां से हटा दिया गया है।

19 जुलाई को हुए दीवार हादसे के बाद नगर निगम ने जांच रिपोर्ट के आधार पर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। नगर निगम कमिश्नर संघ प्रिय द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद एक सहायक यंत्री, एक प्रभारी सहायक यंत्री और एक उपयंत्री को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं प्रभारी कार्यपालन यंत्री और तत्कालीन प्रभारी सहायक यंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा वर्तमान क्षेत्राधिकारी को पद से हटाकर जनकार्य विभाग में पदस्थ किया गया है।

सहायक यंत्री ने नहीं किया समय पर निरीक्षण 

19 जुलाई को हुई घटना की रिपोर्ट  जांच समिति एन आज 22 जुलाई को कमिश्नर को सौंपी जिसमें निर्माण कार्य के दौरान पर्यवेक्षण और तकनीकी स्तर पर कई लापरवाहियां सामने आईं। रिपोर्ट के अनुसार सहायक यंत्री राकेश कुशवाह ने निर्माण कार्य का समय पर निरीक्षण नहीं किया, इस लापरवाही के चलते उन्हें निलंबित किया गया है। उनके स्थान पर प्रभारी सहायक यंत्री अनिल चौहान को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

प्रभारी सहायक यंत्री की बड़ी लापरवाही 

प्रभारी सहायक यंत्री (जलप्रदाय) सौरभ शाक्य ने भी अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से नहीं निभाई उन्होंने ड्रॉइंग में टाई बीम (Tie Beam) का उल्लेख किया जबकि प्राक्कलन कॉलम आधारित रिटेनिंग वॉल का तैयार किया गया था। ड्रॉइंग और प्राक्कलन में इस तकनीकी खामी को गंभीर लापरवाही मानते हुए उन्हें भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। उनका प्रभार पंकज सिंह को सौंपा गया है।

उपयंत्री और क्षेत्र अधिकारी भी रहे लापरवाह  

जांच में यह भी सामने आया कि उपयंत्री बृजेश राजपूत, जो 20 अप्रैल से 4 जून 2026 तक क्षेत्रीय कार्यालय क्रमांक-21 में पदस्थ थे उन्होंने रिटेनिंग वॉल निर्माण कार्य का निरीक्षण ही नहीं किया। उन्हें भी निलंबित कर दिया गया है। उनकी जिम्मेदारी कपिल पटेल को सौंपी गई है। वर्तमान क्षेत्राधिकारी अनिल श्रीवास्तव को भी निर्माण कार्य की निगरानी में लापरवाही का दोषी मानते हुए क्षेत्राधिकारी पद से हटाकर जनकार्य विभाग में संलग्न किया गया है। उनकी जगह सुरूची बंसल को क्षेत्र क्रमांक-21 का नया क्षेत्राधिकारी बनाया गया है।

इन दो अधिकारियों को नोटिस जारी 

इसके अलावा तत्कालीन प्रभारी सहायक यंत्री (जनकार्य) एवं वर्तमान भवन अधिकारी राजीव सोनी के खिलाफ रिटेनिंग वॉल की ड्रॉइंग और प्राक्कलन में अंतर पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही उन्हें जनकार्य विभाग में संलग्न कर उनके वर्तमान कार्य का प्रभार वेद प्रकाश निरंजन को दिया गया है। वहीं प्रभारी कार्यपालन यंत्री (जनकार्य) सुशील कटारे को भी निर्माण कार्य का समुचित पर्यवेक्षण नहीं करने और कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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