ग्वालियर पुलिस ने 13 संदिग्ध विदेशी नागरिक पकड़े, नहीं दिखा सके पहचान के सही दस्तावेज, बांग्लादेशी होने का संदेह

पुलिस ने विशेष अभियान चलाया और तीन अलग-अलग जगहों पर एक साथ दबिश दी। कार्रवाई में 13 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई। पुलिस अब इनके दस्तावेज, पहचान और नागरिकता की पुष्टि में जुटी है।
Gwalior Police detain 13 suspected foreign nationals

Gwalior Police detain 13 suspected foreign nationals

ग्वालियर पुलिस ने एक बार फिर संदिग्ध विदेशी नागरिकों को पकड़ने में सफलता हासिल की है, पुलिस को इनके शहर में रहने की जानकारी मिली थी जिसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने एक गुप्त अभियान चलाकर इनके ठिकानों की खोज की फिर इन्हें हिरासत में ले लिया, हिरासत में लिए गए विदेशी नागरिकों की संख्या 13 है, इनके बांग्लादेशी होने का संदेह है पुलिस इनकी पहचान से संबंधित दस्तावेज की जाँच कर रही है।

ग्वालियर पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि शहर में कुछ विदेशी नागरिक रह रहे हैं जिनकी नागरिकता संदिग्ध है, पुलिस ने इनकी पड़ताल की और फिर एक अभियान चलाकर इन्हें हिरासत में ले लिया, इसमें 7 पुरुष, 3 महिलाएं और 3 बच्चे शामिल हैं, पुलिस ने जब उनसे उनके पहचान सम्बन्धी वैध दस्तावेज मांगे तो वे नहीं दिखा पाए

शुरूआती जाँच में सामने आया ये लोग झुग्गी झोपड़ियों में रह रहे थे, पुलिस ने इनके ठिकाने तलाशे और फिर तीन आलग अलग जगहों से इन्हें पकड़ लिया, पुलिस इनके मोबाइल फोन, स्थानीय संपर्कों और मिले दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। जांच का फोकस इस बात पर भी है कि कहीं इनके पास मौजूद पहचान पत्र फर्जी तो नहीं हैं और क्या किसी स्थानीय नेटवर्क की इसमें भूमिका है।

पुलिस कर रही दस्तावेजों की जांच   

एसपी ने बताया कि अभी इनको होल्डिंग एरिया में रखा गया है इनके पास मौजूद दस्तावेजों की जाँच की जाएगी यदि ये बांग्लादेशी नागरिक हुये और बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रह रहे थे तो उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी और उन्हें वापस भेजा जायेगा।

पहले भी पकडे जा चुके हैं बांग्लादेशी नागरिक 

उल्लेखनीय है कि ग्वालियर पुलिस ने पिछले साल 2025 में भी 8 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा था, हरियाणा पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर इन्हें महाराजपुरा क्षेत्र से पकड़ा गया था। इसके बाद पुलिस ने किराएदारों और झुग्गी बस्तियों के सत्यापन अभियान को तेज कर दिया । पुलिस के मुताबिक अब तक 10 से ज्यादा बांग्लादेशी नागरिकों को डिपोर्ट किया जा चुका है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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