मंत्री बनने के बाद डबरा पहुंची इमरती देवी, कार्यकर्ताओं ने किया ज़ोरदार स्वागत

मंत्री बनने के बाद डबरा पहुंची इमरती देवी, कार्यकर्ताओं ने किया ज़ोरदार स्वागत

डबरा| सलिल श्रीवास्तव| कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुई कट्टर सिंधिया समर्थक इमरती देवी को एक बार फिर से महिला बाल विकास मंत्री बनाया गया है | कमलनाथ सरकार में भी वह मंत्री रह चुकी हैं मंत्री बनने के बाद डबरा में प्रथम नगर आगमन पर कार्यकर्ताओं ने फूल मालाओं से कैबिनेट मंत्री इमरती देवी का ज़ोरदार स्वागत किया| इसके बाद मंत्री इमरती देवी ने उपचुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं के साथ बैठक ली।

मंत्री इमरती देवी ने बताया कि मेरा सबसे पहला कर्तव्य मध्य प्रदेश मैं कुपोषित बच्चों की दर को कम करना और महिलाओं तथा बच्चियों के लिए काम करना है किससे वह आगे बढ़ सके, कैबिनेट मंत्री ने कहा कि भिंड जिले एक छोटे से गांव में रहने वाली रोशनी भदौरिया ने हाई स्कूल में अच्छे नंबर लाकर गांव का नाम रोशन किया है शहर में तो सभी सुविधाएं होती हैं पर एक गांव में रहने वाली लड़की और वह साइकिल से 12 किलोमीटर दूर स्कूल पढ़ने जाती थी यह हमारे लिए गौरव की बात है यह बच्ची हमारे लिए किसी हीरो से कम नहीं है यह बच्ची हमारे विभाग के लिए हीरो है इसलिये हमने उसे अपने विभाग का चेहरा बनाया है जिसने इतनी कठिन परिस्थितियों में भी पढ़ाई की और अपना लक्ष्य प्राप्त किया।उपचुनाव को लेकर मंत्री ने कहा कि जनता मेरे साथ है इसलिए कांग्रेस में कोई भी ऐसा दावेदार नहीं है जो मुझे टक्कर दे पाए।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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