अदालत में 1050 सवालों का जवाब देने के बाद बोले पवैया -“भगवान राम के लिये हर कुर्बानी देने को तैयार”

अदालत में 1050 सवालों का जवाब देने के बाद बोले पवैया -“भगवान राम के लिये हर कुर्बानी देने को तैयार”

ग्वालियर/अतुल सक्सेना

बाबरी विध्वंस मामले में लखनऊ में सीबीआई की विशेष अदालत में शुक्रवार 12 जून को पूर्व मंत्री एवं बजरंगदल के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया की पेशी हुई। 5 घंटे चली अदालत की कार्यवाही में 1050 सवालों के पवैया ने बयान दर्ज कराये। पेशी के बाद पवैया ने कहा कि भगवान राम के काम के लिये हर कुर्बानी देने को तैयार हूँ, उन्होंने कहा कि “सत्यमेव जयते” सत्य की हमेशा जीत होती है।

6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में हुए बाबरी विध्वंस मामले में देश के कई शीर्ष राजनेताओं, धर्मगुरुओं और संतों को आरोपी बनाया गया है। इस मामले में पूर्व कैबिनेट मंत्री उमा भारती, लालकृष्ण आडवाणी, डॉ मुरली मनोहर जोशी, विनय कटियार, कल्याण सिंह और महंत नृत्य गोपाल दास के साथ जयभान सिंह पवैया मुख्य आरोपी हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा जल्दी फैसला लिए जाने की हिदायत के बाद इस माह सभी के अंतिम बयान दर्ज किये जाने हैं। इसी कड़ी में गुरूवार शाम पूर्व मंत्री एवं बजरंग दल के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ग्वालियर से लखनऊ रवाना हुए जहाँ शुक्रवार को उन्होंने अदालत में अपने बयान दर्ज कराए।

अदालत मे पेश होने बाद ये बोले पवैया

सीबीआई की विशेष अदालत में पेश होने के बाद पवैया ने कहा कि बाबरी विध्वंस मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने मुझे तलब किया था। मैं वहाँ प्रस्तुत हुआ और पांच घंटे तक सुनवाई हुई। उन्होंने कहा कि सीबीआई के मनगढंत आरोपों मे 1050 सवालों का जवाब मुझे देना पड़ा। अदालत की कार्यवाही के बारे में तो मैं बाहर कुछ नही कहूंगा लेकिन सत्य को अंगीकार करने का साहस होना चाहिये, हमने उसे स्वीकारा लेकिन जो झूठ है तो उसे हमने नकार दिया। भगवान राम के काम के लिये हम किसी तरह की कुर्बानी देने को सहर्ष तैयार हैं। उन्होंने तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने कि तरह सीबीआई का दुरुपयोग कर हिंदुत्ववादी नेताओं संतों के खिलाफ षड़यंत्र रचा। मैं आरोपों को सुनकर हतप्रभ हूँ। लेकिन हमारे यहाँ सूत्र वाक्य है “सत्यमेव जयते” इसलिये सत्य की जीत अवश्य होगी।

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