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जन्माष्टमी पर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के आभूषणों से हुआ राधा कृष्ण का राजसी श्रृंगार, ग्वालियर के ऐतिहासिक गोपाल मंदिर में भक्तों की भारी भीड़

भक्त कहते हैं कान्हा को बिना श्रंगार के देखना ही बहुत आनंद देता है लेकिन उन्हें जब विशेष रत्न जड़ित आभूषणों से सजा देखा तो नजर हटाना मुश्किल था, राधा और कृष्ण दोनों एक ही दिखाई दे रहे थे ।  
Gwalior Gopal Mandir Janmashtami

Gwalior Gopal Mandir Janmashtami

आज पूरे देश में जन्माष्टमी पूरी श्रद्धा और धूमधाम से मनाई जा रही है, ग्वालियर में भी श्री कृष्ण मंदिरों में सुबह से ही भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया है, शहर के फूलबाग परिक्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक गोपाल मंदिर पर भी सुबह से भक्तों की भीड़ जुट रही है, यहाँ विराजे राधा कृष्ण का राजसी श्रृंगार आकर्षण का केंद्र होता है, भगवान 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के रत्नजड़ित  बेशकीमती आभूषण पहनते हैं, जिसके बाद भगवान की छटा देखते ही बनती है,  मंदिर के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गए हैं, पुलिस पैनी नजर बनाये हुए है।

हर साल की तरह इस साल भी गोपाल मंदिर में विराजे भगवान राधा कृष्ण के रियासतकालीन रत्न जड़ित आभूषण, सोने चांदी के गहने, चांदी के बर्तन आदि नगर निगम के अधिकारियों ने बैंक के लॉकर से पूरी सुरक्षा के साथ निकाले फिर लिस्ट से उसका मिलान कर एक एक आभूषण को देखा फिर मंदिर में बैठकर उनकी गिनती की और भगवान का श्रृंगार किया, इस दौरान महापौर डॉ शोभा सिकरवार, नगर निगम सभापति मनोज तोमर, नगर निगम कमिश्नर अभिषेक चौधरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

हीरा, पन्ना, माणिक, पुखराज, मोती का श्रंगार आकर्षण का केंद्र 

जिन आभूषणों से भगवान का श्रृंगार किया गया उनमें सोने के मुकुट, हीरा, पन्ना, माणिक, पुखराज, मोती और सोने-चांदी के गहने आदि शामिल है। इसमें सबसे विशेष 62 असली मोतियों और 55 पन्नों वाला सात लड़ियों का प्रसिद्ध हार है जिसकी कीमत लगभग 35 करोड़ रुपये के आसपास आंकी गई है, भगवान को भोग लगाने के लिए चांदी के बर्तन भी उपयोग में लाये जाते हैं।

मेटल डिटेक्टर, ड्रोन आदि से मंदिर की सुरक्षा 

श्रंगार के बाद भगवान की आरती की गई और उसके बाद मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए, नगर निगम द्वारा आयोजन की पूरी व्यवस्था की जाती है, पुलिस पूरी सुरक्षा सम्भालती है, पुलिस ने बताया कि भगवान को यहाँ बेशकीमती आभूषणों से सजाया गया है इसलिए दो शिफ्टों में राउंड द क्लॉक ड्यूटी दी जा रही है मेटल डिटेक्टर, ड्रोन आदि से निगरानी रखी जा रही है, मंदिर रात 12 बजे तक खुला रहेगा उसके आबाद पूरी सुरक्षा के साथ गहने बैंक लॉकर में वापस रखे जायेंगे।

राधा कृष्ण का श्रंगार देखकर अभिभूत हो रहे भक्त 

मंदिर पहुंचने वाले भक्तों में  भारी उत्साह देखने को मिल रहा है कुछ भक्त ऐसे हैं जो कई वर्षों से दर्शन के लिए आते रहे हैं उन्हें जन्माष्टमी का इन्तजार रहता है कि इस दिन भगवान को राजसी श्रंगार में देखने का सौभाग्य मिलेगा, कुछ भक्त कहते हैं कान्हा को बिना श्रंगार के देखना ही बहुत आनंद देता है लेकिन उन्हें जब विशेष रत्न जड़ित आभूषणों से सजा देखा तो नजर हटाना मुश्किल था, राधा और कृष्ण दोनों एक ही दिखाई दे रहे थे ।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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