त्योहारों का दौर शुरू हो चुका है। ऐसे में डीजे और साउंड सिस्टम का प्रयोग भी बढ़ जाता है। इसको देखते हुए विदिशा पुलिस ने डीजे बजाने पर सख्ती लागू करने का फैसला कर लिया है। इसे लेकर कोतवाली थाना में प्रशासनिक अधिकारियों ने डीजे संचालकों के साथ बैठक की।
इस बैठक के दौरान तय की गई डेसीबल सीमा में ही साउंड सिस्टम चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसी के साथ डीजे बॉक्स की संख्या भी सीमित की गई है। वहीं बिना अनुमति डीजे बजाने पर कार्रवाई करने को चेतावनी दी गई है।
लगातार मिल रही थी शिकायत
प्रशासन द्वारा डीजे संचालकों के साथ बैठक कर जरूरी दिशा निर्देश इसलिए दिए गए हैं क्योंकि लंबे समय से तेज आवाज और ध्वनि प्रदूषण को लेकर शिकायत सामने आ रही थी। तेज डीजे की आवाज से लोगों को परेशानी हो रही थी। ऐसे में नियमों का उल्लंघन करने वाले डीजे संचालकों के खिलाफ प्रशासन से कार्रवाई की मांग की जा रही थी।
क्या है नए नियम
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आयोजित की गई इस बैठक में शहर के सभी डीजे संचालक शामिल हुए। इस एएसपी, एसडीएम, सिविल लाइन थाना प्रभारी, कोतवाली थाना प्रभारी भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान कोतवाली प्रभारी आनंद राज ने जानकारी देते हुए बताया कि एक समिति गठित की गई है और थाना प्रभारी के माध्यम से डीजे संचालकों को नोटिस भेजे गए हैं।
अपने नियमों के तहत सभी डीजे वाहनों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। इसके लिए एक निर्धारित प्रोफार्मा बनाया गया है। सभी वाहनों की मार्किंग और नंबरिंग भी होगी ताकि उनकी पहचान आसानी से की जा सके। बाहर से आने वाले डीजे संचालकों को भी रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा। एक वाहन में चार से ज्यादा साउंड बॉक्स लगाने की अनुमति नहीं है।
जांच के बाद मिलेगी अनुमति
डीजे संचालकों को स्पष्ट तौर पर यह बता दिया गया है कि प्रशासन द्वारा तय किए गए मानकों को पूरा करने के बाद ही डीजे संचालन की अनुमति दी जाएगी। अगर बिना अनुमति या निर्धारित नियमों का उल्लंघन कर डीजे बजाया जाता है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।






