खंडवा में अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में मूंदी इलाके के लालखेड़ा, पुरनी, सिंधखाल और गोराडिया गांव में टीम ने दबिश दी।
कार्रवाई के दौरान ऐसा नजारा सामने आया, जिसने टीम को भी हैरान कर दिया। शराब बनाने वालों ने महुआ लहान से भरे ड्रम जंगल की झाड़ियों में छिपा रखे थे, जबकि शराब से भरे कैनों को जमीन के अंदर दबाया गया था। टीम ने जमीन खोदकर इन्हें बाहर निकाला।
मूंदी के चार गांवों में आबकारी विभाग की दबिश
जिला आबकारी अधिकारी विनय रंगशाही के अनुसार, जिले में पिछले एक सप्ताह से अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत सहायक जिला आबकारी अधिकारी और आबकारी कंट्रोलर चंदन सिंह मीणा की टीम ने मूंदी क्षेत्र के चार गांवों में कार्रवाई की।
टीम ने उन जगहों की तलाश की, जहां अवैध शराब बनाने और छिपाकर रखने की जानकारी मिली थी। कार्रवाई के दौरान जंगल और सुनसान इलाकों में छिपाकर रखा गया सामान बरामद किया गया।
जमीन खोदकर निकाली गई छिपाकर रखी शराब
आबकारी टीम को जंगल की झाड़ियों के बीच महुआ लहान से भरे ड्रम मिले। इसके अलावा कुछ कैनों में हाथ भट्टी की शराब भरकर उन्हें जमीन के अंदर दबाया गया था। टीम ने जमीन की खुदाई कर इन कैनों को बाहर निकाला।
शराब बनाने वालों ने पुलिस और आबकारी विभाग की नजर से बचने के लिए जमीन के नीचे शराब छिपाने का तरीका अपनाया था। कार्रवाई के दौरान बरामद शराब और लहान को जब्त कर लिया गया।
65 लीटर शराब और 700 किलो महुआ लहान जब्त
कार्रवाई में आबकारी विभाग ने करीब 80 हजार रुपए कीमत की 65 लीटर हाथ भट्टी मदिरा बरामद की। इसके साथ ही 700 किलोग्राम महुआ लहान भी जब्त किया गया। महुआ लहान का इस्तेमाल कच्ची शराब बनाने में किया जाता है।
विभाग ने मौके पर मिले लहान को नष्ट करने की कार्रवाई भी की। अधिकारियों के मुताबिक, जिले के ग्रामीण और जंगल वाले इलाकों में अवैध शराब बनाने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
13 लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया केस
मूंदी क्षेत्र के इन चार गांवों में कार्रवाई के बाद अवैध शराब बनाने और उसकी तस्करी से जुड़े 13 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आबकारी विभाग अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि जब्त शराब किस तरह तैयार की जा रही थी और इसे कहां तक पहुंचाया जाना था। लगातार हो रही कार्रवाई से अवैध शराब का कारोबार करने वालों में हड़कंप है। विभाग का कहना है कि ऐसे लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।






