जबलपुर की बीएसएनएल टेलीग्राफ फैक्ट्री में बीते दिनों दीवार गिर गई थी। इस हादसे में दो मजदूरों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद प्रशासन की टीम तुरंत ही मौके पर पहुंची थी और जांच पड़ताल शुरू की थी। अब फैक्ट्री को सील करने की कार्रवाई कर उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है।
अब तक जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री से स्क्रैप निकालने का ठेका था लेकिन मौके पर दीवार तोड़ी जा रही थी। इसी दौरान ये हादसा हुआ और 2 मजदूर इसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद से पुलिस को ठेकेदार अब्दुल बशीर की तलाश है। लेकिन उसका मोबाइल बंद आ रहा है।
मौके पर नहीं था ठेकेदार
जानकारी के मुताबिक फैक्ट्री परिसर में जो शेड है उसे हटाने के लिए राजस्थान की कंपनी को 1 करोड़ 40 लाख रुपए में टेंडर दिया गया था। कंपनी ने यह काम अब्दुल बशीर को सौंपा। जब काम चल रहा था तब उसे मौके पर रहना था लेकिन वह वहां नहीं था। हादसा होने के बाद उसने जबलपुर आने को बोला लेकिन कुछ समय बाद अपना मोबाइल बंद कर लिया।
क्यों तोड़ी जा रही थी दीवार
इस मामले में हैरान कर देने वाली बात यह है कि जब टेलीग्राफ फैक्ट्री से स्क्रैप निकालने का ठेका कंपनी को दिया गया था, तो टाइल्स और दीवार तोड़ने का काम क्यों किया जा रहा था। जब इस दीवार को तोड़ा जा रहा था तब बारिश हो रही थी। इसी बीच जर्जर दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। इस दौरान पश्चिम बंगाल का रहने वाला अब्दुल और जबलपुर का रहने वाला मोहम्मद अपने 10 साथियों के साथ काम कर रहा था। दोनों के मलबे में दबने के बाद उन्हें बाहर निकाला लेकिन दोनों की जान नहीं बच सकी।
बिना पीएफ के काम
इस घटना के बाद जब जांच शुरू हुई तो ईपीएफओ के अधिकारी थी मौके पर पहुंचे। इस दौरान ये सामने आया कि मजदूरों को पीएफ का लाभ नहीं दिया जा रहा था। ये सभी अकुशल श्रेणी के मजदूर थे जो पीएफ के दायरे में नहीं आते। मामले की जांच की जा रही है और दोनों ही मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग की गई है।






