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Gwalior News: बिलौआ में खदानों की ब्लास्टिंग और क्रशर की धूल से परेशान ग्रामीण पहुंचे कलेक्ट्रेट, बंद कराने की मांग

ग्रामीणों ने कहा ये घर हमें मोदी सरकार ने दिए हैं बच्चे स्कूलों में पढ़ रहे हैं अब इन खदानों के डर से 400 परिवार बस्ती छोड़कर कहाँ जाएँ।
Bilaua Gwalior Villagers submitted memorandum

Bilaua Gwalior Villagers submitted memorandum

ग्वालियर जिले के बिलौआ में संचालित खदानों और क्रशर के खिलाफ क्षेत्रीय ग्रामीण एकजुट होकर ग्वालियर कलेक्टर की जनसुनवाई में शिकायत लेकर पहुंचे, ग्रामीणों का कहना है कि ब्लास्टिंग से पूरे गाँव में घरों पर पत्थर गिरते हैं धमाकों की आवाज से बच्चे चौंक जाते हैं वहीं क्रशर से उड़ने वाली धूल से लोग बीमार हो रहे हैं।

ग्वालियर के बिलौआ थाना क्षेत्र में आने वाले ग्राम नकटापाठा के ग्रामीण आज कलेक्ट्रेट पहुंचे, उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमारे गाँव में 400 परिवारों की बस्ती है, सरकार ने उन्हें रहने के लिए आवास दिए हैं बच्चों के लिए शिक्षा की व्यवस्था की है लेकिन क्षेत्र में संचालित खदानों और क्रशर ने उनका जीना मुश्किल कर दिया है।

ब्लास्टिंग से बरसते हैं घरों पर पत्थर 

ग्रामीणों ने बताया कि उनके गाँव के पास पत्थर की दो खदाने हैं एवं एक क्रशर है, खदानों में कभी भी ब्लास्टिंग होने लगती है और उसके पत्थर हमारे घरों पर उड़कर गिरते हैं जिससे कई बार लोग चोटिल हो जाते हैं जब कभी बच्चे इसका वीडियो बनाते हैं तो दबंद खदान संचालक बच्चों को धमकियाँ देते हैं, ग्रामीणों ने कहा क्रशर  से निकलने वाली धूल गाँव वालों को बीमार कर रही है, बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो रहा है।

बिलौआ थाना प्रभारी पर लगाये आरोप  

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जब हम बिलौआ पुलिस थाने गए तो वहां शिकायत की तो थाना प्रभारी मैडम ने कह दिया कि क्या तुम्हारा कोई मर गया, क्या किसी के हाथ पैर टूट गए जो शिकायत दर्ज करें, जब ऐसा होगा तो देखेंगे, ग्रामीणों ने कहा हम पिछले मंगलवार को भी कलेक्ट्रेट आये थे लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई आज फिर आवेदन देने आये हैं।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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