मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में किसानों ने विरोध प्रदर्शन के बीच एक अनोखा तरीका अपनाया। मंगलवार को किसान विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय ज्ञापन देने पहुंचे। काफी इंतजार करने के बाद जब कलेक्टर किसानों से मुलाकात करने के लिए नहीं आये, तो किसानो ने नाराजगी जताते हुये एक कुत्ते के गले में ज्ञापन लटका दिया।
बता दें कि राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के बैनर तले कलेक्टर कार्यालय पहुंचे किसानों का स्पष्ट कहना था कि वे अपनी समस्याओं को कलेक्टर के समक्ष ही रखेंगे। इतना ही किसानों ने यह भी कहा कि कई बार अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। इसी नाराजगी के चलते सभी किसान कलेक्टर से मिलने के लिए पहुंचे थे।
कलेक्टर से मिलने पर अड़े रहे किसान
जानकारी अनुसार, कलेक्टर कार्यालय में किसानों के पहुंचने के बाद काफी देर तक इंतजार का दौर चलता रहा। जब कलेक्टर किसानों के बीच नहीं पहुंचे तो उनके सब्र का बांध टूट गया। हालांकि मामला बढ़ता देख सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर किसानों के बीच पहुंचे। परंतु किसानों ने किसी अन्य अधिकारी को ज्ञापन देने से इनकार कर दिया और स्पष्ट कहा कि वे अपनी समस्याओं का समाधान और जवाब सीधे कलेक्टर से चाहते हैं।
आक्रोशित किसानों ने कुत्ते के गले में लटका दिया ज्ञापन
बता दें कि जब लंबे इंतजार के बाद भी कलेक्टर किसानोंं के बीच नहीं पहुंचे तो इस दौरान किसानों ने एक अनोखा तरीका अपनाया। किसानों ने कलेक्टर कार्यालय परिसर में एक कुत्ते के गले में ज्ञापन लटका दिया। इस बीच, किसानों ने कहा कि जब कलेक्टर उनकी समस्याएं सुनने को तैयार नहीं है तो ऐसा विरोध दर्ज कराकर ही प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाई जायेगी।
किसानों ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा ने कहा कि किसानों को अपनी समस्याओं को लेकर कई बार कलेक्टर कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। यदि प्रशासन के अधिकारियों के पास किसानों की समस्याएं सुनने का समय नहीं है तो आने वाले दिनों में ऐसे अधिकारियों के खिलाफ भी मोर्चा खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों की मांगों पर जल्द सुनवाई और कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। महासंघ ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि किसानों की समस्याओं की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
खंडवा से सुशील विधाणी की रिपोर्ट





