गोपाल भार्गव के बयान पर मंत्रियों का पलटवार, कहा”ये उनकी बौखलाहट है, वे पहले अपने गिरेबान में झांकें”

गोपाल भार्गव के बयान पर मंत्रियों का पलटवार, कहा”ये उनकी बौखलाहट है, वे पहले अपने गिरेबान में झांकें”

ग्वालियर। नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव के कई अधिकारियों के हनी ट्रेप में फंसे होने के बयान पर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री लाखन सिंह और सचिन यादव ने पलटवार किया है। ग्वालियर पहुंचे दोनों मंत्रियों ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि भाजपा के नेता सत्ता से बाहर होने के बाद से परेशान हैं । पशुपालन मंत्री लाखन सिंह ने गोपाल भार्गव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें नसीहत दी कि वे पहले अपने गिरेबान में झांके तब किसी पर लांछन लगाएं। उन्होंने कहा कि हनी ट्रैप में सबसे ज्यादा तो भाजपा के ही नेता फंसे हुए हैं। कृषि मंत्री सचिन यादव ने कहा कि सत्ता जाने की बौखलाहट नेता प्रतिपक्ष के बयानों में साफ देखी जा रही है प्रदेश में एक साल से अधिक का समय कांग्रेस सरकार को आए हुए हो गया है लेकिन नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस सरकार को हजम नहीं कर पा रहे हैं, यही कारण है कि वह इस तरह के बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के बयानों को तवज्जो देने की जरूरत नहीं है। गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा था कि उन्होंने अपने एक मित्र के यहां प्रदेश के कई वरिष्ठ अधिकारियों के हनी ट्रेप में फंसे होने के वीडियो देखे हैं ।उसके बाद से ही कांग्रेस उनपर हमलावर है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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