कोरोना की दहशत: अब डॉक्टर के पर्चे के बिना सर्दी-खांसी की दवा नही दे सकेंगे मेडिकल स्टोर्स

कोरोना की दहशत: अब डॉक्टर के पर्चे के बिना सर्दी-खांसी की दवा नही दे सकेंगे मेडिकल स्टोर्स

ग्वालियर। अतुल सक्सेना।

कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के चलते चीन में ये महामारी का रूप ले चुका है। प्रदेश में भी इसके संदिग्ध मरीज मिल चुके हैं इसलिए सरकार अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है। खाद्य एवं औषधि नियंत्रक ने इसके लिए कैमिस्ट को 5 बिंदुओं के दिशा निर्देश जारी किए हैं। जिसमें सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि अब सर्दी, खांसी और सांस लेने में तकलीफ के मरीज को बिना डॉक्टर के पर्चे के दवा नहीं दी जाए।

सर्दी के मौसम में सर्दी, जुकाम और खांसी होना सामान्य बात है इसलिए कई बार मरीज बिना डॉक्टर को दिखाये मेडिकल स्टोर से दवा ले आता है। कैमिस्ट भी अपने अनुभव के आधार पर उसे दवा दे देता है लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकेगा क्योंकि खाद्य एवं औषधि नियंत्रक ने ऐसा नहीं करने के आदेश दिये हैं।

गौरतलब है कि कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के बाद सरकार ने प्रदेश में अलर्ट जारी किया है। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने CMHO को किसी भी संदिग्ध मरीज का पूरा परीक्षण करने, उसपर लगातार नजर रखने के निर्देश दिये है अब इसके अलावा खाद्य एवं औषधि नियंत्रक ने कैमिस्टो के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं। जिसके बाद ग्वालियर कैमिस्ट एसोसिएशन ने सभी मेडिकल स्टोर को पत्र लिखकर इन निर्देशों का पालन करने के लिए कहा है।

खाद्य एवं औषधि नियंत्रक ने कैमिस्टों से कहा है कि कोरोना वायरस का लक्षण बुखार, सर्दी, खांसी के साथ साथ सांस लेने में तकलीफ होना है। ये बीमारी संक्रमित मरीज के खांसने या छींकने से फैलता है। वैसे तो ये किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है लेकिन डाइबिटीज और अस्थमा के मरीज को इसका संक्रमण होने की ज्यादा संभावना रहती है इसलिए इस तरह के मरीज को बिना डॉक्टर के पर्चे के दवा नहीं दे। इसे अलावा मेडिकल स्टोर पर पर्याप्त मात्रा में नोज मास्क रखें। खाद्य एवं औषधि नियंत्रक ने चेतावनी दी है कि नोज मास्क और सर्दी, जुकाम और सांस लेने से संबंधित दवा की कालाबाजारी की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी।

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