शिवराज ने इमरती देवी को दी नसीहत, सत्ता में वापसी का किया दावा

शिवराज ने इमरती देवी को दी नसीहत, सत्ता में वापसी का किया दावा

ग्वालियर।अतुल सक्सेना।

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी को नसीहत देते हुए कहा कि सत्ता के। अहंकार और मद में ऐसे चूर नहीं होना चाहिए कि वो विपक्ष को कुछ भी कहें। पूर्व मुख्यमंत्री ग्वालियर में पत्रकारों से बात कर रहे थे।

भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेत्री कैलाशवासी राजमाता विजयाराजे सिंधिया की 19 भी पुण्यतिथि के मौके पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि वे मुरैना जिले के जौरा में आयोजित किसान सम्मेलन में शामिल होने जा रहे हैं उन्होंने दावा किया कि हैं जौरा विधानसभा में जीत दर्ज करने के साथ प्रदेश में फिर भाजपा लौटेगी और प्रदेश में मचा हाहाकार खत्म होगा। मीडिया ने जब पूर्व मुख्यमंत्री से कैबिनेट मंत्री इमरती देवी के विपक्ष की तुलना कुत्ते से करने वाले बयान पर उनकी प्रतिक्रिया चाही तो उन्होंने कहा कि अब मैं उनकी बात का क्या जवाब दूँ वो जो हैं सो हैं। शिवराज ने नसीहत देते कहा कि सत्ता के अहंकार और मद में ऐसा चूर नहीं होना चाहिए कि आप विपक्ष को कुछ भी कहे ये लोकतंत्र है, डेमोक्रेसी है, विपक्ष के अपने अधिकार हैं, विरोध करने के और इन अधिकारों को कांग्रेस की सरकार कुचलना चाहती है।हम कुचलने वाली मानसिकता को ही कुचल देंगे। मीडिया ने जब शिवराज सिंह से ग्वालियर में शुक्रवार को प्रदर्शन के दौरान सिंधिया को माफिया कहे जाने के सवाल पर प्रतिक्रिया पूछी तो वे वे टाल गए उन्होंने इतना कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने जो कहा वो आपके समाने है। गौरतलब है कि शुक्रवार को ग्वालियर में भाजपा ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया था और इसमें सबसे बड़ा भू माफिया ज्योतिरादित्य सिंधिया के नारे लगे थे और इसपर प्रतिक्रिया देते हुए कैबिनेट मंत्री इमरती देवी ने विपक्ष की तुलना। कुत्ते से करते हुए कहा था कि हैं कांग्रेसी हाथी है कुत्ते तो भौंकते रहते हैं इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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