Gwalior कांग्रेस में बगावत के सुर, ये बोले जिलाध्यक्ष

MP CONGRESS Gwalior News

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। ग्वालियर कांग्रेस (Gwalior Congress) में एक बार फिर बगावत के सुर फूटने लगे हैं।  टिकट देने के बाद काटे जाने के फैसले पर जिला अध्यक्ष सहित कई वरिष्ठ नेता नाराज है। आज नाराज सभी बड़े नेताओं ने बैठक की और इस बात पर मंथन किया। ग्वालियर जिलाध्यक्ष ने कहा ये अन्याय है और कार्यकर्ताओं के लिए यदि जरुरत पड़ी और मन ख़राब हुआ तो इस्तीफा भी दे देंगे।

कांग्रेस नेतृत्व द्वारा घोषित किये गए पार्षद पद के दावेदारों के टिकट काटे जाने से ग्वालियर कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है। नाराजगी की आंच ग्वालियर से चंबल तक पहुँच गई है, सुबह से राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो हो गई कि ग्वालियर जिला अध्यक्ष डॉ देवेंद्र शर्मा सहित प्रदेश महासचिव सुनील शर्मा, मुरैना जिला अध्यक्ष विधायक राकेश मावई सहित ग्वालियर चम्बल के कई बड़े नेताओं ने इस्तीफा दे दिया है।

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मीडिया ने जब इस मामले में ग्वालियर (Gwalior News) कांग्रेस जिला अध्यक्ष डॉ देवेंद्र शर्मा से हकीकत जाननी चाही तो उन्होंने कहा कि अभी किसी ने इस्तीफा नहीं दिया है लेकिन यदि मन ख़राब हुआ तो इस्तीफा दे भी देंगे। उन्होंने कहा कि टिकट घोषित कर उसे बदलकर कार्यकर्ताओं की हत्या करने का प्रयास किया जा रहा है, जो गलत है।

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जिला अध्यक्ष ने कहा कि मैं सैद्धांतिक आदमी हूँ, इस विषय पर हम लोग चर्चा कर रहे हैं, दबाव की राजनीति स्वीकार नहीं की जाएगी, हम प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पार्टी के कोषाध्यक्ष एवं ग्वालियर के नेता अशोक सिंह से चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज जिस कार्यकर्ता ने बुरे समय में साथ दिया आप दबाव के चलते उसी का टिकट काट रहे हो।  ये स्वीकार नहीं किया जायेगा।

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Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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