551 दीपों से जगमगाया तुलसी मानस प्रतिष्ठान, दीवाली का हुआ अनुभव

551 दीपों से जगमगाया तुलसी मानस प्रतिष्ठान, दीवाली का हुआ अनुभव

ग्वालियर, अतुल सक्सेना

अयोध्या में बनने जा रहे भव्य श्री राम मंदिर के 5 सितंबर को होने वाले भूमिपूजन सर पहले पूरे देश में धार्मिक आयोजनों और दीप प्रज्ज्वलन का सिलसिला शुरू हो गया है। ग्वालियर में तुलसी मानस प्रतिष्ठान में सुंदरकांड का पाठ किया गया और 551 दीपकों से रोशनी की गई।

अयोध्या में भगवान श्री राम की जन्मभूमि पर बनने वाले भव्य मंदिर के भूमिपूजन की पूर्व संध्या पर मंगलवार को स्थानीय मानस भवन फूल बाग में दीपोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर संगीतमय सुंदरकांड का पाठ किया गया, राम मंदिर की अनुकृति की सुंदर रंगोली सजाकर, धनुष बनाकर दीप प्रज्वलित किए गए। इस अवसर पर सिद्ध पीठ श्री गंगा दास जी की बड़ी शाला के महंत राम सेवक जी महाराज, देव प्रकाश गिरी बरुआ बाबा जी, गौशाला के संत ऋषभ देवानंद महाराज के अलावा संत रामदेव भारती, नागा बाबा कमल पुरी महाराज आदि उपस्थित थे । प्रतिष्ठान के अध्यक्ष राकेश जादोन ने सन्त समाज का स्वागत किया कार्यक्रम का संचालन विह्वल सेंगर एवं आभार राकेश दीक्षित ने व्यक्त किए। इस विशेष अवसर पर अजय सोनी द्वारा बांसुरी वादन प्रस्तुत किया गया।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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