हरदा हादसा सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि एक ऐसा दर्दनाक सच बन गया है, जिसने खुशियों से भरे एक घर को पलभर में मातम में बदल दिया। जिस घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब सिर्फ सिसकियां सुनाई दे रही हैं।
यह हादसा उस वक्त हुआ जब मां और बेटा शादी की खरीदारी करके घर लौट रहे थे। किसी ने नहीं सोचा था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। हरदा सड़क हादसा अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
खड़े ट्राले से टकराई बाइक
हरदा हादसा मंगलवार रात करीब 8 बजे हंडिया-मांगरूल मार्ग पर वन विभाग की नर्सरी के पास हुआ। सड़क किनारे खड़े एक ट्राले से बाइक सीधे जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मां और बेटे की मौके पर ही हालत गंभीर हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तुरंत हंडिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद नर्मदा बाई और उनके बेटे अभिषेक को मृत घोषित कर दिया। हरदा सड़क हादसा में 12 वर्षीय शुभम घायल हो गया, जिसका इलाज जारी है। यह हादसा इतना अचानक और भयानक था कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला।
19 अप्रैल को थी शादी, घर में चल रहा था जश्न
इस हरदा हादसा की सबसे दर्दनाक बात यह है कि मृतक अभिषेक की शादी 19 अप्रैल को होने वाली थी। घर में मेहमान आ चुके थे और रोजाना नाच-गाना चल रहा था। सभी लोग शादी की तैयारियों में लगे हुए थे। लेकिन एक हादसे ने सब कुछ खत्म कर दिया। हरदा सड़क हादसा ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। जिस बेटे की बारात निकलनी थी, उसकी अर्थी उठने की खबर ने पूरे गांव को झकझोर दिया।
सुबह से सड़क किनारे खड़ा था ट्राला
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, जिस ट्राले से यह हादसा हुआ, वह सुबह से ही सड़क किनारे खड़ा था। कई लोगों ने चालक को ट्राला हटाने के लिए कहा था, लेकिन उसने इस पर ध्यान नहीं दिया। यह लापरवाही ही हरदा हादसा का सबसे बड़ा कारण मानी जा रही है। अगर समय रहते ट्राला हटा दिया जाता, तो शायद यह हादसा टल सकता था। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर खड़े भारी वाहन अक्सर हादसों को न्योता देते हैं, लेकिन इस पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता।






