हरदा में नर्मदापुरम-खंडवा स्टेट हाईवे की जर्जर हालत को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। सड़क पर बने जानलेवा गड्ढों और परेशान होते लोगों की सुध लेने के लिए हरदा विधायक डॉ. आरके दोगने खुद मैदान में उतर आए हैं। उन्होंने छीपाबड़ से हरदा तक करीब 35 किलोमीटर की लंबी पैदल यात्रा निकाली। यात्रा का मुख्य मकसद सरकार का ध्यान सड़क की बदहाली की ओर खींचना और मरम्मत का काम जल्द शुरू कराना था।
सड़क निर्माण का श्रेय लेने की मची होड़
इस सड़क को लेकर बीजेपी के पूर्व मंत्री कमल पटेल और विधायक आरके दोगने के बीच क्रेडिट वार भी देखने को मिल रहा है। दो दिन पहले पूर्व मंत्री ने निर्माण कार्य का भूमिपूजन कर विधायक पर जुबानी हमला बोला था। इस पर पलटवार करते हुए विधायक दोगने ने कहा कि उन्होंने मार्च-अप्रैल में ही मुख्यमंत्री से मिलकर करीब 17 करोड़ रुपये मंजूर कराए थे। श्रेय लेने के चक्कर में जनहित की अनदेखी की जा रही है।
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पदयात्रा के दौरान खुद भरे गड्ढे
27 सितंबर को शुरू हुई इस पदयात्रा के दौरान विधायक अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ आगे बढ़े। रास्ते में जहां भी बड़े और खतरनाक गड्ढे मिले, वहां उन्होंने खुद गिट्टी और मिट्टी डालकर उन्हें भरने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों से सीधी बातचीत की। लोगों ने बताया कि इस हाईवे पर सफर करना अब हादसों को न्योता देने जैसा हो चुका है।
कलेक्ट्रेट पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
पदयात्रा के समापन पर विधायक डॉ. दोगने सीधे कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की कि स्वीकृत राशि से हाईवे का निर्माण कार्य तुरंत धरातल पर शुरू कराया जाए ताकि राहगीरों को राहत मिले। विधायक ने पूर्व मंत्री के आरोपों को खारिज करते हुए साफ किया कि जनता की इस समस्या का स्थाई समाधान होने तक वे चैन से नहीं बैठेंगे।