मध्यप्रदेश से शुरू हुआ था ‘सबको आवास’ अभियान, कृषि मंत्री ने कही ये बात

मध्यप्रदेश से शुरू हुआ था ‘सबको आवास’ अभियान, कृषि मंत्री ने कही ये बात

हरदा, भवानीशंकर पाराशर। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पौने दो लाख परिवारों का आज गृह प्रवेश हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने ये मकान ऑनलाइन हितग्राहियों को सौंपे। प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री कमल पटेल (kamal patel) हरदा जिले के आदिवासी बाहुल्य ग्राम मगरधा में इस आयोजन में शामिल हुए। उन्होंने आज के दिन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश से शुरू हुआ सबको आवास का सपना अब पूरे देश में तेजी से पूरा हो रहा है। कृषि मंत्री कमल पटेल ने ग्राम गुठानिया मे प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 40 परिवारों को आज प्रधानमंत्री गृह प्रवेश कार्यक्रम में मकानों का लोकार्पण कर उन्हें सौंपे ।साथ ही उन्होंने आदिवासी परिवार के साथ भोजन भी किया।

गृह प्रवेश कार्यक्रम के समापन के बाद ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री कमल पटेल ने कहा कि आजादी के बाद कांग्रेस ने पचास साल देश पर राज किया, लेकिन गरीब और किसानों के लिए कुछ नहीं किया। आज गरीबों के जीवन में नया उजाला आया है जो प्रधानमंत्री आवास योजना से संभव हुआ है। कमल पटेल ने कहा कि इसकी शुरुआत हमने मध्यप्रदेश से की थी। गांधी जी कहते थे असली भारत गांव में बसता है लेकिन गांवों में सुविधाओं पर ध्यान ही नहीं दिया गया। गांवों में आबादी तो है लेकिन उनका भूमि पर अधिकार नहीं था। कमल पटेल ने कहा कि मैंने इन्हें अधिकार देने की बात की इस पर मुख्यमंत्री का समर्थन मिला और पायलट प्रोजेक्ट के तहत मसनगांव और भाटपरेटिया गांव में मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास अधिकार पुस्तिका प्रदान की इससे गांव के आवास की कीमत बढ़ी, फिर हमने एक लाख में पक्के मकान बनाकर देने के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना शुरू की। अधिकारियों ने इसका विरोध किया लेकिन मैंने जिद करके योजना लागू कराई इसके बाद प्रधानमंत्री आवास योजना में पूरा देश शामिल हो गया।

कमल पटेल ने कहा कि पहले इंदिरा आवास योजना थी लेकिन घर बहुत कम बनते थे और उसके लिए भी लोग चक्कर काटते थे। हमने एक बार में अनेक मकान बनाने की योजना बनाई तो उसका लाभ यह है कि गांवों की बड़ी आबादी अब पक्के मकानों में है। कमल पटेल ने बाढ़ का जिक्र करते हुए कहा कि बाढ़ में झोपड़ी और कच्चे मकान के साथ इंदिरा आवास भी क्षतिग्रस्त हुए, लेकिन प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवासों का कुछ नहीं बिगड़ा। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार करने की पहल की है, यह तभी संभव होगा जब गाँव आत्मनिर्भर होंगे। कांग्रेस के शासन में सड़क गांव में बनती ही नहीं थी लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री बनें तब गांव गांव में सड़क बनाने के लिए प्रधानमंत्री सड़क योजना लाई गई। छोटे गांवों के लिए मुख्यमंत्री सड़क योजना लाई गई, जिसका नतीजा है कि आज गांवों में पक्की सड़क है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, जनधन खाते किसानों और गरीब की तरक्की में सहायक हुए हैं। गांवों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार की पहुंच बढ़ी है। कमल पटेल ने कहा कि गांव, गरीब और किसानों की देश और प्रदेश में सरकार है और इनके कल्याण के कार्य रुकेंगे नहीं।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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