अब शिक्षकों से भरवाया जा रहा वचन पत्र

अब शिक्षकों से भरवाया जा रहा वचन पत्र

भवानीशंकर पाराशर/हरदा। नवाचार के नाम पर अधिकारी क्या कुछ न कर गुजरे। हरदा के शिक्षा विभाग ने एक फरमान जारी किया है जिसमें  जिले के हर स्कूल को एक वचन पत्र भरकर देना होगा कि पांचवी और आठवीं का परिणाम इस बार 60% या उससे ज्यादा आएगा। इसके साथ ही इस वचन पत्र में इस बात का भी उल्लेख होगा कि शाला में कितने बच्चे पास होंगे। हर शिक्षक को व्यक्तिगत रूप से भी यह बात लिख कर देनी होगी कि उसकी कक्षा में कितने बच्चे 60% से ज्यादा परिणाम लाएंगे। अधिकारियों का मानना है कि नवाचार इसलिए शुरू किया गया है क्योंकि पिछले कुछ सालों से पांचवी और आठवीं का रिजल्ट बहुत कम रहा है। यह वचन पत्र शिक्षकों की जवाबदेही तय करेगा ही साथ ही साथ में बच्चों के साथ मेहनत करके उनके रिजल्ट में सुधार के पूरे प्रयास करेंगे। अधिकारियों ने शिक्षकों को यह भी निर्देश दिए हैं कि वे वचन पत्र पर अमल करने के लिए रविवार के दिन अतिरिक्त कक्षाएं भी लगाएं ताकि वचन पत्र अमल में आ सके। अब यह वचन पत्र वास्तविकता में कितना खरा उतरेगा ,यह तो देखने वाली बात होगी

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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