
अनिल विज
हरियाणा सरकार में गृह एवं ट्रांसपोर्ट मंत्री अनिल विज, जो अपनी सख्त कार्यशैली और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के लिए जाने जाते हैं, ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। विज ने श्रम विभाग के तीन निरीक्षकों को निलंबित कर दिया है। उनके अनुसार, विभाग में लंबे समय से संगठित घोटाला चल रहा था, जिसकी भनक उन्हें पहली ही समीक्षा बैठक में लग गई थी। उन्होंने बताया कि श्रमिकों को दी जाने वाली शादी, शिक्षा और चिकित्सा सुविधाएं केवल उन्हीं को मिलती हैं जो श्रम विभाग में रजिस्टर्ड होते हैं और कम से कम 90 दिन का कार्य अनुभव रखते हैं। लेकिन जब यह मामला विज के पास पहुंचा कि एक ही निरीक्षक ने 90,000 मजदूरों और दूसरे ने 86,000 मजदूरों को वेरिफाई किया है, तो शक गहराया।
कई हजार करोड़ का अनुमान
जांच में सामने आया कि फर्जी रजिस्ट्रेशन के जरिए बड़ी संख्या में श्रमिकों को लाभ दिया गया है, जिनका असल में कोई अस्तित्व ही नहीं है। विज के आदेश पर गठित जांच कमेटी ने हरियाणा के 6 जिलों में जांच कर शुरुआती रिपोर्ट दी है, जिसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां उजागर हुई हैं। अनिल विज का मानना है कि यह घोटाला कई हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। उन्होंने पूरे प्रदेश में जांच के आदेश दे दिए हैं और साफ कर दिया है कि “जो भी इसमें दोषी पाया जाएगा, बख्शा नहीं जाएगा।”
रोडवेज में भी बड़ा सुधार
ट्रांसपोर्ट मंत्री होने के नाते अनिल विज ने हरियाणा रोडवेज के संचालन में भी एक बड़ा बदलाव किया है। उन्होंने घोषणा की है कि हरियाणा का कोई भी गांव बस सेवा से अछूता नहीं रहेगा। विज ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भले ही किसी गांव से सिर्फ एक यात्री भी हो, वहां बस सेवा उपलब्ध होनी चाहिए। उनका कहना है: “हम कोई कमर्शियल कंपनी नहीं हैं, हमारा उद्देश्य सेवा देना है। हर गांव तक हरियाणा रोडवेज की बस पहुंचे, यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है।”
6500 गांवों तक पहुंचेंगी बसें, रूट मैप तैयार
विज के निर्देश के बाद परिवहन विभाग ने हरियाणा के सभी 6500 गांवों को जोड़ने के लिए नया रूट मैप तैयार कर लिया है। अब जल्द ही हर गांव तक रोडवेज की बस पहुंचेगी, जिससे छात्रों, बुजुर्गों और आम यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। अनिल विज को अक्सर लोग ‘हरियाणा का गब्बर’ भी कहते हैं, क्योंकि वे बिना लाग-लपेट के सीधे कार्रवाई करने के लिए जाने जाते हैं। चाहे पुलिस विभाग हो, स्वास्थ्य हो या अब श्रम व परिवहन विभाग, विज ने हर बार त्वरित कार्रवाई, कड़ी जांच और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी है। उनकी यह शैली जनता के बीच उन्हें एक भरोसेमंद और निष्पक्ष नेता बनाती है, जो सत्ता में रहते हुए भी अधिकारियों की जवाबदेही तय करने से पीछे नहीं हटते।
जनता को सेवा, भ्रष्टों को सजा
अनिल विज की ताजा कार्रवाइयों से यह संदेश साफ है कि सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार अब छुपा नहीं रह पाएगा। साथ ही उनकी रोडवेज योजना बताती है कि वे सेवा-प्रधान शासन की सोच के साथ काम कर रहे हैं। श्रम विभाग की यह कार्रवाई न केवल विभागीय सफाई की शुरुआत है, बल्कि बाकी विभागों के लिए भी एक सख्त चेतावनी है , “काम में लापरवाही या घोटाला मत करना, वरना गब्बर आ जाएगा!”
