हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) ने नकल पर कड़ा प्रहार करते हुए जींद जिले के एक परीक्षा केंद्र पर हुई 10वीं कक्षा की परीक्षा को रद्द कर दिया है। बोर्ड के विशेष उड़नदस्ते की छापेमारी में केंद्र के एक कर्मचारी के मोबाइल फोन से हिंदी विषय की उत्तर कुंजी (Answer Key) बरामद हुई थी, जिसके बाद यह बड़ा फैसला लिया गया।
मामला जींद के झमोला स्थित पीएसपीएम माध्यमिक विद्यालय परीक्षा केंद्र का है। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. (प्रो.) पवन कुमार ने जानकारी दी कि बोर्ड द्वारा गठित विशेष आरएएफ उड़नदस्ते ने इस केंद्र पर छापा मारा था। जांच के दौरान वहां नियुक्त एक सेवादार के मोबाइल में सेकेंडरी (10वीं) के हिंदी विषय की परीक्षा से संबंधित ‘डी’ कोड की पूरी उत्तरकुंजी मिली। इसके अलावा भी केंद्र पर कई अन्य गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।
पूरा स्टाफ हटाया, FIR दर्ज
बोर्ड प्रशासन ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। आरोपी सेवादार के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज करवा दी गई है। साथ ही, बोर्ड ने पीएसपीएम वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, झमोला केंद्र पर 28 फरवरी को आयोजित हुई हिंदी विषय की परीक्षा को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का निर्णय लिया है।
इसके अतिरिक्त, परीक्षा के संचालन में लापरवाही बरतने के आरोप में केंद्र पर नियुक्त समस्त स्टाफ, जिसमें केंद्र अधीक्षक से लेकर पर्यवेक्षक तक शामिल हैं, को तुरंत काम से हटा दिया गया है।
अब जुलाना के सरकारी स्कूल में होंगी बाकी परीक्षाएं
बोर्ड ने छात्रों को होने वाली असुविधा को देखते हुए तुरंत नया परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया है। बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि पीएसपीएम व.मा.वि., झमोला केंद्र को 10वीं और 12वीं, दोनों कक्षाओं की परीक्षाओं के लिए शिफ्ट कर दिया गया है।
अब सभी परीक्षाएं राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, जुलाना-02 (बी-02) में आयोजित होंगी। नए केंद्र पर 12वीं की परीक्षाएं 3 मार्च से और 10वीं की परीक्षाएं 5 मार्च से संचालित की जाएंगी।
“शिक्षा बोर्ड विशेष तौर पर नकल रहित परीक्षाओं के संचालन को लेकर अति संवेदनशील है। इसलिए शून्य सहनशीलता की नीति अपनाते हुए परीक्षाओं में अनुचित साधनों के प्रयोग पर रोक लगाने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।” — डॉ. (प्रो.) पवन कुमार, अध्यक्ष, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड
जिला शिक्षा अधिकारी, जींद को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि नए परीक्षा केंद्र पर पूरी तरह से नया स्टाफ नियुक्त किया जाए। इसमें नए केंद्र अधीक्षक, उप-केंद्र अधीक्षक, पर्यवेक्षक, लिपिक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल होंगे ताकि परीक्षाएं निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सकें।





