हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली सरकार की कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर सहमति नहीं बन सकी। करीब साढ़े छह घंटे चली मैराथन बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि हुड्डा के सरकारी आवास के लगभग ₹16.49 लाख के पैनल रेंट को माफ करने का प्रस्ताव फिलहाल टाल दिया गया है और सरकार इस पर दोबारा समीक्षा करेगी।

मंत्रिपरिषद की इस बैठक में कुल 31 एजेंडे रखे गए थे, जिनमें से 18 को हरी झंडी मिल गई। इन फैसलों में शहरी विकास, ग्रामीण पेयजल आपूर्ति, सरकारी भर्तियों और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई बड़े प्रस्ताव शामिल हैं।

शहरी विकास और आवास पर बड़े फैसले

कैबिनेट ने शहरी क्षेत्रों में आवास और भूमि उपयोग को लेकर दो महत्वपूर्ण नीतियों में बदलाव को मंजूरी दी।

किफायती आवास नीति-2013 में संशोधन: निर्माण और जमीन की बढ़ती लागत को देखते हुए सरकार ने किफायती आवास की दरों में औसतन 12% की बढ़ोतरी की है। गुरुग्राम के लिए दरें ₹5000 से बढ़ाकर ₹5575 प्रति वर्ग फुट कर दी गई हैं। वहीं, फरीदाबाद और सोहना के लिए नई दर ₹5450, पंचकूला के लिए ₹5050 और कम क्षमता वाले शहरों के लिए ₹4250 प्रति वर्ग फुट होगी। बालकनी के लिए अतिरिक्त शुल्क ₹1300 प्रति वर्ग फुट तय किया गया है।

मिक्स लैंड यूज पॉलिसी को मंजूरी: रुकी हुई परियोजनाओं को गति देने के लिए मिक्स लैंड यूज पॉलिसी को मंजूरी दी गई है। अब आवासीय, वाणिज्यिक और संस्थागत उपयोग के लिए कोई प्रतिशत सीमा नहीं होगी, जिससे योजनाओं में स्पष्टता आएगी। हालांकि, मौजूदा औद्योगिक इकाइयों को विस्तार की अनुमति नहीं होगी, लेकिन वे नियमों के तहत अपना उपयोग बदल सकती हैं।

ग्रामीण हरियाणा और कर्मचारी हित में निर्णय

सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने और सरकारी कर्मचारियों को राहत देने के लिए भी कदम उठाए हैं।

नई पेयजल रखरखाव नीति: जल जीवन मिशन के तहत ‘सरकार-समुदाय भागीदारी’ (GCP) मॉडल पर आधारित नई ऑपरेशन एवं रखरखाव नीति को मंजूरी दी गई। इसके तहत, ग्राम पंचायतें जितना जल शुल्क एकत्र करेंगी, सरकार भी उतनी ही राशि अनुदान के रूप में देगी। इस नीति को 6,721 गांवों में चरणबद्ध तरीके से 2026 और 2027 तक लागू किया जाएगा।

कर्मचारियों को ऋण: सरकारी कर्मचारियों को मकान, वाहन, विवाह आदि के लिए दिए जाने वाले अग्रिम ऋण की व्यवस्था को फिर से राज्य सरकार के पुराने सिस्टम के तहत लाया गया है। 2016 से यह व्यवस्था पंजाब नेशनल बैंक के माध्यम से चल रही थी।

भर्तियों और सेवा नियमों में अहम बदलाव

बैठक में स्वास्थ्य और शिक्षा सहित कई विभागों में भर्ती और सेवा नियमों में संशोधन किए गए।

  • फार्मेसी अधिकारियों की भर्ती: B. फार्मेसी डिग्री में 6 महीने के प्रशिक्षण को शामिल मानते हुए अलग से अनिवार्य 6 महीने की ट्रेनिंग की शर्त हटा दी गई है। सीधी भर्ती का कोटा 75% से बढ़ाकर 95% और प्रमोशन कोटा 25% से घटाकर 5% कर दिया गया है।
  • न्यायिक सेवा नियम: हरियाणा सुपीरियर ज्यूडिशियल सेवा नियम, 2007 में संशोधन करते हुए प्रमोशन का कोटा 65% से घटाकर 50% कर दिया गया है।
  • कक्षा-1 में दाखिले की उम्र: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत, अब कक्षा एक में प्रवेश के लिए बच्चे की आयु 6 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।

बुनियादी ढांचे को मिलेगी नई रफ्तार

राज्य में कनेक्टिविटी और परिवहन को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई।

हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (HORC): इस प्रोजेक्ट की संशोधित लागत को मंजूरी दी गई, जो अब ₹5,618 करोड़ से बढ़कर लगभग ₹11,709 करोड़ हो गई है।

नमो भारत (RRTS) कॉरिडोर: दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर के कार्यान्वयन को मंजूरी मिली। इस 136.30 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर करीब ₹33,051 करोड़ खर्च होंगे, जिसमें हरियाणा का हिस्सा ₹7,472 करोड़ होगा।

मेट्रो विस्तार: रिठाला-नरेला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर के लिए संशोधित DPR को भी मंजूरी दे दी गई है। हरियाणा के हिस्से में 2.72 किलोमीटर लाइन और दो स्टेशन बनाने पर ₹545.77 करोड़ की लागत आएगी।