हरियाणा की राजनीति में दो दिग्गज अहीरवाल नेताओं, कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह और केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के बीच जुबानी जंग एक बार फिर तेज हो गई है। राव नरबीर ने राव इंद्रजीत पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि बढ़ती उम्र के चलते उन्हें अपनी हार याद नहीं रही।
राव नरबीर का यह बयान राव इंद्रजीत की हालिया टिप्पणियों के जवाब में आया है, जिससे राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है। दोनों नेताओं के बीच पुरानी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता किसी से छिपी नहीं है और यह ताजा टकराव उसी की एक और कड़ी है।
जब याद दिलाई 1987 की हार
कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने दावा किया कि उनकी राजनीतिक पारी की शुरुआत ही राव इंद्रजीत को हराकर हुई थी। उन्होंने 1987 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने जाटूसाना सीट से राव इंद्रजीत को हराया था, जो उस समय उनका राजनीतिक गढ़ माना जाता था।
“बढ़ती उम्र के चलते राव इंद्रजीत सिंह को मेरी हार तो याद है, लेकिन अपनी हार याद नहीं है।” — राव नरबीर सिंह, कैबिनेट मंत्री, हरियाणा
राव नरबीर ने कहा कि उनकी राजनीति की नींव ही राव इंद्रजीत पर चुनावी जीत के साथ रखी गई थी। इस बयान के बाद दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच भी बहस छिड़ गई है।
‘अहीरवाल को इनाम नहीं’ वाले बयान पर पलटवार
हाल ही में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने राजस्थान के एक कार्यक्रम में कहा था कि अहीरवाल के दम पर सरकार दोबारा बनी, लेकिन उन्हें इसका वाजिब इनाम नहीं मिला। इस बयान पर भी राव नरबीर सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
राव नरबीर ने पलटवार करते हुए कहा, “पार्टी ने राव इंद्रजीत को बहुत कुछ दिया है। वह खुद केंद्र सरकार में मंत्री हैं और उनकी बेटी आरती राव भी हरियाणा सरकार में मंत्री हैं। इसके बावजूद अगर वह खुश नहीं हैं, तो इसकी वजह तो वही बेहतर बता सकते हैं।”
गौरतलब है कि राव नरबीर सिंह और राव इंद्रजीत सिंह के बीच राजनीतिक मनमुटाव दशकों पुराना है। दोनों नेता समय-समय पर सार्वजनिक मंचों से एक-दूसरे पर निशाना साधते रहे हैं। इस ताजा बयानबाजी ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि आने वाले समय में यह सियासी जंग और भी तेज हो सकती है।





