हिसार के चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय में आज आयोजित कृषि मेला किसानों के लिए नए ज्ञान और अवसर लेकर आया। यह आयोजन केवल कृषि तकनीकों की जानकारी देने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें किसानों और वैज्ञानिकों के बीच सीधा संवाद भी हुआ। कृषि में नवाचार और संसाधनों के बेहतर उपयोग को लेकर यह मेला किसानों के लिए एक नई दिशा दिखाने वाला साबित हो रहा है।
कृषि मेले में बड़ी संख्या में किसान भाई शामिल हुए और उन्होंने विशेषज्ञों से खेती से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। वैज्ञानिकों ने उन्हें फसल विविधीकरण, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और नई तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। किसानों को बताया गया कि कैसे बदलते मौसम और आधुनिक तकनीक के बीच संतुलन बनाकर उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। यह मेला उनके लिए कृषि क्षेत्र में आगे बढ़ने का एक बेहतरीन अवसर साबित हुआ।
योजनाओं का शुभारंभ और किसानों को सहयोग
इस अवसर पर “हर घर छाँव-हर घर फल” योजना की शुरुआत की गई। योजना के तहत किसानों को पौधे वितरित किए गए, ताकि गांवों और खेतों में हरियाली बढ़े और फल उत्पादन को भी बढ़ावा मिले। इसके साथ ही नस्ल संरक्षण योजना के अंतर्गत किसानों को अनुदान राशि दी गई। इससे पशुधन की गुणवत्ता में सुधार होगा और किसानों की आय बढ़ेगी। इन योजनाओं ने किसानों में उत्साह और विश्वास दोनों ही बढ़ाया।
नए भवनों का उद्घाटन और सुविधाओं का विस्तार
कृषि मेले के दौरान दत्तोपंत ठेंगड़ी कृषि उद्यमिता स्थल का उद्घाटन किया गया, जो युवाओं को कृषि क्षेत्र में उद्यमिता की दिशा में प्रोत्साहित करेगा। इसके अलावा कल्पना चावला महिला छात्रावास और देवी अहिल्याबाई होलकर महिला छात्रावास का उद्घाटन भी किया गया। इन छात्रावासों से कृषि विश्वविद्यालय की छात्राओं को बेहतर सुविधा मिलेगी। इस मौके पर आयोजकों और विद्यार्थियों को बधाई दी गई और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी गईं।
