औद्योगिक नगरी पानीपत में आज एमएसएमई फॉर भारत-क्षेत्रीय कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम आर्य पीजी कॉलेज के सभागार में दोपहर 12 बजे शुरू होगा। इसमें सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र की समस्याओं और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा होगी। देशभर से उद्योग जगत की हस्तियां, विशेषज्ञ और अधिकारी शामिल होकर समाधान तलाशेंगे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एमएसएमई को नई दिशा देना है, ताकि यह क्षेत्र प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़े और रोजगार व विकास में बड़ी भूमिका निभा सके। मुख्य अतिथि के रूप में मंत्री अनिल विज मौजूद रहेंगे।

पुरस्कारों की श्रेणियां और नई पहल

कॉन्क्लेव में उद्योग क्षेत्र से जुड़ी उपलब्धियों को मान्यता देने के लिए कई पुरस्कार श्रेणियां बनाई गई हैं। इनमें उत्पादन उत्कृष्टता, नवाचार व डिजिटल परिवर्तन, गुणवत्ता व सतत विकास, सेवा व ग्राहक प्रभाव, अपव्यय पर विजय, निर्यात व वैश्विक पहुंच, महिला उद्यमी सम्मान, उभरता स्टार्टअप, पारंपरिक उद्यम, कौशल विकास, सामाजिक प्रभाव और नवीकरणीय ऊर्जा शामिल हैं। इन पुरस्कारों से छोटे उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही, नौ अक्तूबर को नई दिल्ली में राष्ट्रीय कॉन्क्लेव, एक्सपो और पुरस्कार समारोह आयोजित होगा, जिसमें केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी मुख्य अतिथि होंगे।

विशेषज्ञों की भागीदारी और विचार-विमर्श

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रदेशाध्यक्ष विनोद खंडेलवाल, पानीपत चैप्टर अध्यक्ष विनोद धमीजा, पानीपत एक्सपोर्ट एसोसिएशन के प्रधान ललित गोयल सहित कई उद्योग विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। वे एमएसएमई क्षेत्र की समस्याओं पर चर्चा करेंगे और उद्यमियों के सवालों का जवाब देंगे। तीसरे सत्र में स्थानीय चुनौतियों और अवसरों पर विचार-विमर्श होगा। प्रतिभागियों को व्यावहारिक समाधान सुझाए जाएंगे ताकि उद्योगों का विस्तार हो सके और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।

एमएसएमई को राष्ट्रीय पहचान देने की पहल

अमर उजाला ने एमएसएमई क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए एमएसएमई फॉर भारत अभियान की शुरुआत की है। पहले चरण में 26 शहरों में क्षेत्रीय कॉन्क्लेव आयोजित किए जा रहे हैं। रोहतक, बहादुरगढ़ और पंचकूला में भी ऐसे आयोजन होंगे। पानीपत में आयोजित कॉन्क्लेव का उद्घाटन ऊर्जा, श्रम व परिवहन मंत्री अनिल विज करेंगे, जबकि अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. पंकज विशिष्ट अतिथि रहेंगे। इस पहल का उद्देश्य छोटे उद्यमों को आवश्यक सहायता देना, निवेश बढ़ाना और उन्हें प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।